
सूरत : – गुजरात के सूरत में त्योहारी सीजन से पहले लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े मिलावटी घी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। वेड रोड स्थित एक डेयरी में वनस्पति घी, पामोलिन और सोयाबीन तेल में हल्दी मिलाकर उसे शुद्ध देसी घी के नाम पर बाजार में बेचा जा रहा था। चौक बाजार पुलिस, जोन-3 एलसीबी और सूरत महानगरपालिका की फूड सेफ्टी टीम की संयुक्त कार्रवाई में इस पूरे खेल का खुलासा हुआ। लैब रिपोर्ट में घी को मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए जाने के बाद डेयरी संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वेड रोड की केशव पार्क सोसायटी स्थित जय योगेश्वर डेयरी में बड़े पैमाने पर नकली घी तैयार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और फूड सेफ्टी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से छापा मारा। कार्रवाई के दौरान डेयरी के पिछले हिस्से से स्टील के ड्रम, घी मिक्स करने की मशीन, सीलिंग मशीन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, हल्दी पाउडर और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद किया गया। मौके से तैयार संदिग्ध घी भी जब्त कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वनस्पति घी में पामोलिन और सोयाबीन तेल मिलाकर उसे गर्म करता था। इसके बाद असली देसी घी जैसा पीला रंग देने के लिए उसमें हल्दी मिलाई जाती थी। तैयार मिश्रण को 15-15 किलो के डिब्बों में भरकर मशीन से सील किया जाता और फिर उसे शुद्ध देसी घी बताकर स्थानीय दुकानों और ग्राहकों को बेचा जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी यह काम रात 10 बजे से लेकर देर रात 1 से 2 बजे के बीच करता था, ताकि किसी सरकारी विभाग या फूड सेफ्टी टीम को इसकी भनक न लगे। शुरुआती जांच के मुताबिक यह अवैध कारोबार करीब एक साल से चल रहा था। फूड सेफ्टी अधिकारियों ने मौके से घी के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे थे। रिपोर्ट में घी गुणवत्ता के सभी मानकों पर फेल पाया गया और इसे मानव उपभोग के लिए असुरक्षित घोषित किया गया। जांच में घी में नमी की मात्रा निर्धारित मानक से काफी कम मिली। फ्री फैटी एसिड का स्तर भी तय सीमा के अनुरूप नहीं था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सैंपल में हल्दी और बीटा-सिटोस्टेरॉल जैसे तत्व पाए गए, जो शुद्ध देसी घी में नहीं होने चाहिए। इसी आधार पर इसे मिलावटी और असुरक्षित घोषित किया गया।

पुलिस ने मौके से करीब 34.05 किलोग्राम संदिग्ध घी, कच्चा माल, मशीनरी और मोबाइल फोन समेत कुल 43 हजार 535 रुपये का सामान जब्त किया है। इस मामले में डेयरी संचालक 42 वर्षीय राजेश कुमार जगदीशभाई पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ चौक बाजार पुलिस स्टेशन में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। डीसीपी राघव जैन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि वेड रोड स्थित एक डेयरी में मिलावटी घी बनाया जा रहा है। जांच और लैब रिपोर्ट में घी को असुरक्षित और मिलावटी पाया गया। आरोपी वनस्पति घी, पामोलिन तेल और हल्दी मिलाकर उसे शुद्ध घी के रूप में बेच रहा था। उन्होंने त्योहारी सीजन को देखते हुए लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। त्योहारों के दौरान घी की मांग तेजी से बढ़ जाती है और ऐसे समय में मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ करने की कोशिश करते हैं। सूरत पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह नकली घी किन-किन इलाकों और दुकानों तक सप्लाई किया गया था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर लगातार नजर रखी जाएगी और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







