
रायपुर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक कारोबारी दंपति पर अपनी ही बहन और जीजा से 1 करोड़ 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। आरोप है कि कारोबार में पार्टनर बनाने और दोगुना मुनाफा देने का झांसा देकर निवेश कराया गया, फिर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें फर्म से ही बाहर कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। नागपुर निवासी शिवांगी गर्ग ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनके भाई शुभम सिंघल और भाभी जया सिंघल ने कारोबार विस्तार और मोटे मुनाफे का लालच देकर उनसे और उनके पति से करीब 1.25 करोड़ रुपये का निवेश कराया। शुरुआत में भरोसा बनाए रखने के लिए मुनाफे के नाम पर कुछ रकम भी लौटाई जाती रही, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया।

शिकायत के मुताबिक, जब दंपती ने अपनी निवेश की रकम वापस मांगी तो उन्हें फर्म में साझेदार बना दिया गया। लेकिन इसके कुछ समय बाद कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें दोनों फर्मों से बाहर दिखा दिया गया। जनवरी 2026 में पारिवारिक बैठक के दौरान रकम लौटाने का भरोसा भी दिया गया, लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ। पीड़िता ने जब रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स से आरटीआई के जरिए दस्तावेज मंगवाए, तो कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि पार्टनरशिप डीड में उनके फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें फर्म से रिटायर दिखाया गया। पीड़िता का दावा है कि जिन तारीखों के दस्तावेज हैं, उस दौरान वह रायपुर में मौजूद ही नहीं थीं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने शुभम सिंघल और जया सिंघल के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस निवेश से जुड़े दस्तावेजों और कथित फर्जी हस्ताक्षरों की बारीकी से जांच कर रही है।





