
रायपुर के माना क्षेत्र स्थित ग्राम नकटी में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी परियोजना को लेकर सोमवार सुबह से बड़े पैमाने पर बेदखली अभियान शुरू कर दिया गया। प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में करीब 80 मकान आए हैं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 घर भी शामिल बताए जा रहे हैं।कार्रवाई को देखते हुए प्रशासन ने रविवार देर रात से ही पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया था। गांव में 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। सुबह राजस्व विभाग की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति भी देखने को मिली।

जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई ग्राम नकटी के वार्ड नंबर 16 और 17 में की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित जमीन सरकारी है और उस पर अवैध कब्जा किया गया है, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि वे कई वर्षों से यहां रह रहे हैं और क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के तहत मकान भी स्वीकृत होकर बन चुके हैं।इससे पहले शुक्रवार रात मुहर्रम की छुट्टी के दौरान राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ गांव पहुंची थी और संबंधित घरों पर बेदखली नोटिस चस्पा किए गए थे। नोटिस मिलने के बाद से गांव में विरोध का माहौल बना हुआ है।

बताया जा रहा है कि प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए तैयार की गई योजना में इन दोनों वार्डों की जमीन को भी शामिल किया गया है। प्रशासन का पक्ष है कि भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गांव के उपयोग और आबादी क्षेत्र का हिस्सा रहा है।यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में बेदखली की कोशिश हुई हो।

पिछले वर्ष भी प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी की थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद मामला टल गया था। फिलहाल एक बार फिर शुरू हुई कार्रवाई के बीच पूरे गांव में तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।






