
त्योहार, शादी-ब्याह, जन्मदिन या कोई भी खुशी का मौका अक्सर मिठाई के बिना अधूरा माना जाता है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मीठा खाने का एक सही समय होता है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। गलत समय पर मीठा खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकती है और धीरे-धीरे वजन बढ़ने का खतरा भी रहता है।

कई लोग सुबह उठते ही मिठाई, चॉकलेट, बिस्कुट या अन्य मीठी चीजों का सेवन कर लेते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खाली पेट मीठा खाने से शुगर तेजी से रक्त में पहुंचती है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाती है और कुछ समय बाद तेजी से गिर भी सकती है। इसके कारण जल्दी भूख लगना, कमजोरी और बार-बार मीठा खाने की इच्छा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, भोजन के बाद मीठा खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। जब पहले दाल, रोटी, सब्जी, चावल और सलाद जैसी पौष्टिक चीजें खाई जाती हैं, तो शरीर को फाइबर और प्रोटीन मिलता है, जिससे शुगर धीरे-धीरे अवशोषित होती है और ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ती।

दिन और रात में मीठा खाने का फर्क
डॉक्टरों का कहना है कि रात के समय ज्यादा मीठा खाना सेहत के लिए ठीक नहीं है, क्योंकि इस समय शरीर आराम की अवस्था में होता है और अतिरिक्त कैलोरी व शुगर जमा होने लगती है। इससे वजन बढ़ने और ब्लड शुगर असंतुलित होने का खतरा रहता है। वहीं, दोपहर के भोजन के बाद सीमित मात्रा में मीठा खाना अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है।

इन गलतियों से बचें
कुछ लोग जल्दी में केवल केक, पेस्ट्री, चॉकलेट या मीठे पेय पर ही निर्भर हो जाते हैं, जिससे शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। संतुलित आहार के लिए दाल, रोटी, सब्जी, फल और अन्य पौष्टिक भोजन जरूरी है विशेष रूप से डायबिटीज, प्री-डायबिटीज, मोटापा या ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहे लोगों को मीठा खाने में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।





