
रायपुर : रायपुर से सटे सिलयारी आश्रम के कथावाचक पंडित नरेंद्र शास्त्री दुष्कर्म केस में उलझ गए है,”चावल वाले बाबा” के नाम से चर्चित पंडित नरेंद्र शास्त्री पर कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है| घटना लगभग 3 साल पुरानी बताई जाती है,ऐसे में शिकायत के 24 घंटे के भीतर कथावाचक की गिरफ्तारी को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे है|

जानकारी सामने आई है,कि हालिया जेल दाख़िल कराए गए पंडित नरेंद्र शास्त्री को रिमांड में लेने के लिए आज पुलिस ने स्थानीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है| यह भी बताया जाता है,कि बचाव पक्ष ने मामले को झूठा करार देते हुए अदालत से ज्योतिषाचार्य की रिहाई की मांग की है,दोनों पक्षों ने अदालत में अपनी दलीले पेश की है| हालाँकि,पुलिस रिमांड को लेकर समाचार लिखे जाने तक अभी कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है| नरेंद्र शास्त्री प्रकरण, हकीकत है या सियासत या फिर इस FIR के पीछे कोई और रहस्य ? इसे लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है|

पर्दे के पीछे की कही-अनकही कहानी को लेकर राजनैतिक गलियारा भी सरगर्म है|बलात्कार के आरोपों ने पंडित नरेंद्र शास्त्री केस का सस्पेंस बढ़ा दिया है| पीड़िता के आरोपों और कथावाचक के दावों के बीच की कहानी काफी उलझी हुई बताई जाती है| इसका एक कनेक्शन रायगढ़ तो दूसरा छोर महासमुंद के बागबाहरा में स्थित बताया जाता है| आस्था, आरोप और अदालत की दहलीज पर ज्योतिषाचार्य नरेंद्र शास्त्री प्रकरण एक पहेली बन गया है| महासमुंद पुलिस ने कथावाचक पंडित नरेंद्र शास्त्री को गिरफ़्तार कर अदालत में पेश किया था| जहाँ से उन्हें न्यायायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था | इसके साथ ही कथावाचक पर लगे आरोपों से लेकर गिरफ़्तारी के तौर-तरीकों की चर्चा जोरों पर है |

महासमुंद पुलिस ने प्रकरण की जानकारी सिर्फ प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है |जबकि, मामला हाई प्रोफाइल होने का अंदेशा जताते हुए पुलिस ने इस मामले में कुछ भी कहने से इन्कार किया है। पुलिस के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही मामले से संबंधित अन्य तथ्यों का खुलासा किया जाएगा | जानकारी के मुताबिक, बागबाहरा थाने में पीड़िता के दर्ज आवेदन पर कार्रवाई करते हुए पंडित नरेन्द्र शास्त्री पर कई धाराओं में FIR दर्ज की गई है। कथावाचक और ज्योतिषाचार्य नरेन्द्र शास्त्री के आश्रम में भक्तों के अलावा कई राजनेताओं का आमतौर पर जमावड़ा देखा जाता है | उनकी गिरफ्तारी की खबर लगते ही कई राजनेताओं के ”होश फाख्ता” बताएं जाते है |

राजनैतिक गलियारों में ज्योतिषाचार्य नरेन्द्र शास्त्री ने उस समय सुर्खियां बटोरी थी,जब उन्होंने बीजेपी की अंधरुनी राजनीति को लेकर मुख्यमंत्री के कार्यकाल पर एक भविष्यवाणी की थी| इस भविष्यवाणी में ज्योतिषाचार्य ने मौजूदा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यकाल को अल्पकालीन बताया था| उन्होंने मुख्यमंत्री के बदलाव का दावा भी किया था |

हालांकि,भविष्यवाणी निराधार साबित हुई थी| मुख्यमंत्री के अलावा कई नामचीन विधायकों की जीत और हार समेत मिलने वालों की वोटों की संख्या को लेकर भी कथावाचक की भविष्यवाणी का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल है | लेकिन,अब बाबा जी ख़ुद ऐसे जाल में फंस गए है,जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है | सोशल मीडिया में अब बाबा जहाँ ट्रोल हो रहे है,वही उनके भक्त हैरान है,वे उन पर लगे आरोपों को साज़िश करार दे रहे है |

समर्थकों के मुताबिक,सुनियोजित षडयंत्र कर कथावाचक को बगैर जाँच किए झूठे मामले में फंसाया गया है | जबकि,पीड़िता का आरोप है,कि दर्द ठीक करने के बहाने ज्योतिषाचार्य ने उससे संपर्क बढ़ाए और उसका कई बार शोषण किया था |जानकारी के अनुसार,कथित घटना वर्ष 2023 की बताई जा रही है। पीड़िता का दावा है,कि सामाजिक दबाव, बदनामी के डर और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते मामला तत्काल पुलिस तक नहीं पहुंच सका था| पीड़िता की शिकायत के बाद बागबाहरा पुलिस ने नरेंद्र शास्त्री को गिरफ्तार कर BNS की धारा 376(2)(j), 376(2)(n) और 376(2)(m) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया हैं |सूत्रों के मुताबिक,पीड़िता विवाहित बताई जाती है,उसने 6 जून को बागबाहरा थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।

सूत्र तस्दीक करते है,कि प्रारंभिक जांच में पंडित नरेंद्र शास्त्री के खिलाफ पुलिस को कोई ठोस सबूत हासिल नहीं हुए है,उनके मोबाइल को खंगाला गया है| इसमें उनके चिर-परिचितों के मैसेज और ”जय श्री राम,जय श्री कृष्ण” के नारों के अलावा अपराध से संबंधित कोई तथ्य अभी तक प्राप्त नहीं बताए जाते है| सूत्र यह भी दावा कर रहे है,कि कथावाचक के मोबाइल फ़ोन के डाटा रिट्रीव करने और फॉरेंसिक जांच के लिए मोबाइल को कब्जे में लिया गया है| पुलिस ने पंडित नरेंद्र शास्त्री से पूछताछ कर पीड़िता के आरोपों को लेकर उनके बयान भी दर्ज किए है | पुलिस मामले की विवेचना में जुटी है |
यह भी पढ़े : सोना की मौत के पीछे “सोना” ! करोड़ों की जमीन-जायदाद, हत्या या आत्महत्या ? सुसाइड नोट को लेकर संदेह ? रायपुर के माना में दो भाइयों का ”THE END”….

आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री के दरबार में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान और भविष्य जानने के लिए जुटते है। एक मुट्ठी चावल और लाल फूलों को बाबा के हाथों में सौंपने के बाद वे भविष्य फल भी स्वयं सुना देते है| उस व्यक्ति के जीवन से जुड़ी समस्याओं और उसके समाधान के अलावा कई पारिवारिक परिस्थितियों का आकलन उनकी विद्या का खास हिस्सा बताया जाता है |

यह भी बताया जाता है,कि पंडित नरेंद्र शास्त्री की कई लोगों पर की गई भविष्यवाणी कुछ पर ”कारगर” तो कही-कही ”निरर्थक” भी साबित हुई है | उनके प्रचवनों में सनातन और हिंदुत्व की गूंज से लोगों का ताँता लगा रहता है| पंडित नरेंद्र शास्त्री के दावे राजनैतिक गलियारों में भी ख़ूब सुर्खियां बटोरते है,उनके समर्थक इसे उनकी अलौकिक विद्या बताते है,तो आलोचक इसे महज एक भ्रम जाल और शिगूफ़ा बताकर खारिज कर देते है | उनका दावा है,कि अब बारी ज्योतिषाचार्य की है,उन्हें यह भी अंदेशा है,कि आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर और भी कई बड़े राज सामने आ सकते हैं |

उधर,ज्योतिषाचार्य के समर्थकों का दावा है,कि ”झूठ के पांव नहीं होते” अदालत में जल्द ही ”दूध का दूध और पानी का पानी” साफ़ हो जाएगा | उनका दावा है,कि सनातन सेवा में साधकों के सामने ऐसी साजिशे आम है,उनकी जमानत के लिए अदालत से गुहार लगा रहे है | लोगों का भविष्य बताने का दावा करने वाले ज्योतिषाचार्य की जिंदगी अब नए मोड़ पर बताई जाती है |फिलहाल,यह मामला अब सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं,बल्कि पर्दे के पीछे की पूरी कहानी की ओर आगे बढ़ चला है| देखना गौरतलब होगा,कि कथावाचक पंडित नरेंद्र शास्त्री के कदम ”जेल से बेल” की ओर आख़िर कब बढ़ते है ?




