
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन नकटी में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया और कार्रवाई पर सदन में विस्तृत चर्चा की मांग की।विपक्ष का आरोप था कि नकटी में गरीब परिवारों के मकानों को हटाने की कार्रवाई मानवाधिकारों के खिलाफ है। कांग्रेस ने इसे “बुलडोजर संस्कृति” करार देते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने इस मामले में अपनी ही पार्टी के सांसद की आपत्तियों को भी नजरअंदाज कर दिया।

हालांकि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह में पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी की। लगातार हंगामे के चलते अध्यक्ष ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के सभी विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया।सरकार की ओर से जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने नकटी में हुई कार्रवाई को पूरी तरह संवैधानिक और कानून सम्मत बताया। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित लोगों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे और उन्हें पर्याप्त समय भी दिया गया था। मंत्री ने स्पष्ट किया कि बेदखली की पूरी प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप अपनाई गई। साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था भी की गई। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान किसी के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया और यह दावा भी गलत है कि उस समय क्षेत्र में भारी बारिश के बीच तोड़फोड़ की गई थी।






