
पीएम मोदी ने अपने फ्रांस दौरे के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों को भारत की समृद्ध कला और हस्तशिल्प परंपरा से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए। इन उपहारों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत, शिल्पकला और पारंपरिक कौशल को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया गया।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध हस्तनिर्मित कलमकारी महाभारत पेंटिंग भेंट की। इस कलाकृति को तैयार करने में लगभग छह महीने का समय लगा है। पारंपरिक कलमकारी शैली में बनाई गई यह पेंटिंग महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को दर्शाती है, जिसमें धर्म, न्याय, साहस और नैतिक निर्णय जैसे शाश्वत मूल्यों का चित्रण किया गया है।
पेंटिंग का प्रमुख आकर्षण भगवद्गीता का वह संदेश है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को कर्तव्य, आत्मसंयम और आंतरिक शक्ति का मार्ग दिखाते हैं। यह कलाकृति केवल एक ऐतिहासिक महाकाव्य का चित्रण नहीं, बल्कि नैतिक नेतृत्व, शांति, ज्ञान और मानवीय गरिमा जैसे सार्वभौमिक मूल्यों का भी प्रतीक है, जो आज के समय में भी पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हैं।
वहीं, राष्ट्रपति की पत्नी ब्रिजिट मैक्रों को प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना का पोचमपल्ली सिल्क स्टोल उपहार स्वरूप भेंट किया। यह हाथ से बुना गया रेशमी स्टोल पारंपरिक इकत रेजिस्ट-डाइंग तकनीक से तैयार किया जाता है और अपनी आकर्षक ज्यामितीय एवं पुष्पीय डिजाइनों, उत्कृष्ट शिल्पकला और सुरुचिपूर्ण बनावट के लिए प्रसिद्ध है।
भारतीय परंपरा और आधुनिक कलात्मकता का सुंदर संगम प्रस्तुत करने वाला यह स्टोल भारत की समृद्ध वस्त्र विरासत का प्रतीक माना जाता है। फैशन, कला और उत्कृष्ट हस्तशिल्प के प्रति फ्रांस की गहरी रुचि को देखते हुए यह उपहार दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
बता दें कि पीएम मोदी अपने दौरे के दौरान ग्लोबल लीडर्स को भारत की समृद्ध कला और परंपरा से जुड़ी वस्तुएं भेंट करते हैं, ताकि उन वस्तुओं को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सके और भारत के ऐतिहासिक महत्व को अधिक से अधिक लोग जान सकें।




