नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मुद्रास्फीति और ब्याज दरों को लेकर चर्चा तेज है। घरेलू विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक निवेश पर फोकस रखना बेहतर है।

रिटेल निवेशकों के लिए विविधीकरण महत्वपूर्ण बताया गया। निर्यात क्षेत्रों में मिश्रित संकेत दिख रहे हैं।

वित्त मंत्रालय ने स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर काम जारी रखने का उल्लेख किया।