रायपुर : - सोशल मीडिया और फेसबुक में सरकारी अधिकारियों के नाम पर फेक आईडी रजिस्टर्ड कर लोगों को गुमराह करने वाले तत्व अब हो जाए सतर्क। उनके खिलाफ धोखाधड़ी समेत डिजिटल क्राइम की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जेल की हवा खिलाने की कवायत शुरू हो गई है। एक ताजा मामले में छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईएएस और अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध सिंह की फ़र्जी आईडी बना कर लोगों को गुमराह करने और कई लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम देने के चलते छत्तीसगढ़ पुलिस ने दो आरोपियों को कानपुर से धर - दबोचा है। राज्य में अब ऐसी वारदातों से कड़ाई से निपटा जाएगा। बताया जाता है कियर-ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर कई ठग सोशल मीडिया में फर्जी आईडी के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे है। ऐसे ही एक मामले में 88 लाख की ठगी करने वाले आरोपियों को रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने यूपी से धर -दबोचा है। पुलिस के मुताबिक ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत कानपुर से दो अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक आरोपी ने वरिष्ठ IAS अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई और उनके परिचितों को मैसेज भेजकर पैसों की मांग की थी। वहीं, दूसरे आरोपी पर शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 88 लाख रुपए की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, दूसरे आरोपी के इस्तेमाल किए गए बैंक खाते को लेकर देश के 11 थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस के साइबर सेल ने तकनीकी जांच के जरिए दोनों आरोपियों की पहचान की थी।
पुलिस के मुताबिक, सुशांत पनका ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर वरिष्ठ IAS अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फर्जी आईडी बनाई गई है। आरोप है कि इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए अधिकारी के परिचितों को मैसेज भेजकर पैसों की मांग की जा रही थी। शिकायत के आधार पर राखी थाने में मामला दर्ज किया गया था। साइबर थाना रायपुर की टीम ने जांच के दौरान फेसबुक, गूगल और मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियों से जानकारी जुटाने के बाद उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के अर्जुन कुमार जाटव (23) की पहचान की। पुलिस का आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर IAS अधिकारी के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाने में शामिल था। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें अन्य स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के नाम से भी फर्जी फेसबुक आईडी बनाने के कई सबूत हासिल हुए हैं, इन फर्जी आईडी से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है।
दूसरे मामले में रश्मि शर्मा ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 88 लाख रुपए की ठगी की शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर रेंज साइबर थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और वॉट्सऐप से मिली जानकारी की पड़ताल कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश के कानपुर के प्रवीण कुमार दीक्षित (46) को धर -दबोचा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर 'दीक्षित एजेंसी' नाम की कंपनी के जरिए बैंक खाते खुलवाता फिर इन खातों में ठगी से मिली रकम जमा कराई जाती थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने जिन बैंक खातों का इस्तेमाल किया, उनसे जुड़े मामलों में देश के अलग -अलग राज्यों के 11 थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं। रायपुर पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की है, माना जा रहा है कि ठगी और धोखाधड़ी के नेटवर्क का पता लगाने एवं आरोपियों के अन्य साथियों की पतासाजी के लिए पुलिस अदालत से आरोपियों की रिमांड मांगने की तैयारी में है।

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