चक्रवात के असर से छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में मौसम ने खतरनाक रूप ले लिया है। प्रदेश में लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए हाई अलर्ट जारी है। सुरक्षा के मद्देनजर रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत कई जिलों में 29 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई है। मौसम विभाग ने बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंडागांव और बस्तर में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, रायपुर और बिलासपुर संभाग में भी बादलों की आवाजाही के बीच बारिश का दौर जारी है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

आंध्र प्रदेश-ओडिशा में भारी नुकसान, मध्य भारत तक चक्रवात का असर

चक्रवात ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। आंध्र प्रदेश में 125 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के बीच पांच लोगों की मौत की खबर है। कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जबकि भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। ओडिशा में भी हालात को देखते हुए 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दूसरी ओर, तेलंगाना के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। चक्रवात के कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने के बावजूद इसका असर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में अगले 24 से 48 घंटे कई इलाकों के लिए अहम हो सकते हैं। लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।