छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी मामले में जांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी EOW सोमवार को स्पेशल कोर्ट में मामले की अंतिम चार्जशीट दाखिल करेगी। जांच एजेंसी ने इस पूरे मामले में अवैध वसूली के पैसों के इस्तेमाल और उन्हें अलग-अलग लोगों तक पहुंचाए जाने का दावा किया है। इसी सिलसिले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, रामगोपाल अग्रवाल, IAS जयप्रकाश मौर्य और दीपेश टांक समेत 9 आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया गया है।

EOW के मुताबिक, कोल परिवहन और वॉशरी से वसूली गई रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर चुनावी खर्च, संपत्ति और कीमती सामान खरीदने में किया गया। जांच में अब तक 170 करोड़ रुपए से अधिक की बेनामी संपत्तियां जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी का आरोप है कि सूर्यकांत तिवारी के नेटवर्क के जरिए रकम नेताओं और अधिकारियों तक पहुंचती थी और इसके लिए कर्मचारियों की मदद ली जाती थी। जांच में नेताओं को करीब 65 करोड़ और अफसरों को 36 करोड़ रुपए से ज्यादा का लाभ पहुंचने का दावा किया गया है। अब अंतिम चार्जशीट के जरिए EOW इस पूरे नेटवर्क से जुड़े आरोप और सबूत अदालत के सामने रखेगी।