छत्तीसगढ़ में हवाला के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का मामला सामने आया है। पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई में तीन अलग-अलग मामलों में अब तक करीब 11 करोड़ रुपये नकद जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच में ट्रांसपोर्टरों के जरिए बड़ी रकम एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाए जाने की आशंका जताई जा रही है। इसी कड़ी में दुर्ग और भिलाई में कार्रवाई के दौरान एक पिकअप वाहन के पिछले हिस्से में बनाए गए गुप्त चैंबर से करीब 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। बताया जा रहा है कि वाहन रायपुर से नागपुर या उत्तर प्रदेश की ओर जा रहा था। हालांकि, बरामद रकम के वास्तविक स्रोत और उसके इस्तेमाल को लेकर जांच जारी है।

जानकारी के मुताबिक, रायपुर के एमजी रोड इलाके के कुछ कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच कथित तौर पर नकदी के लेन-देन का नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दिल्ली और मुंबई में हवाला के जरिए रकम भेजने के लिए प्रति लाख रुपये पर 2,000 रुपये तक कमीशन लिया जाता था, जबकि झारखंड के लिए यह दर 300 से 700 रुपये प्रति लाख बताई गई है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले में पुलिस और आयकर विभाग की ओर से जांच और जब्ती की कार्रवाई किए जाने की जानकारी है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जब्त रकम कहां से आई, किसे पहुंचाई जानी थी और इस कथित नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।