वाराणसी : - बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में गंगा के ऊपर जब लड़ाकू विमानों ने गर्जना की, तो आसमान भारतीय वायुसेना के पराक्रम का गवाह बन गया। वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित मेगा एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नमो घाट पहुंचे। उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहे। एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, स्वदेशी तेजस और प्रचंड हेलीकॉप्टर ने अपनी ताकत और हवाई करतबों का प्रदर्शन किया। सूर्य किरण एयरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने आसमान में तिरंगे के रंग बिखेरकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। काशी की धार्मिक पहचान को समर्पित विशेष ‘त्रिशूल फॉर्मेशन’ इस आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त भागीदारी ने देश की सैन्य शक्ति और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल की झलक भी पेश की।
प्रधानमंत्री मोदी का काशी दौरा केवल सैन्य पराक्रम के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा। एयर शो से पहले उन्होंने मिर्जामुराद के खोचवां में अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन किया, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास और खासकर महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पुलिस लाइन से नमो घाट तक 13 विशेष केंद्र बनाए गए, जहां डमरू वादन, शंखनाद और पुष्पवर्षा के बीच उनका अभिनंदन किया गया। आयोजन की सुरक्षा के लिए वाराणसी को 32 जोन और 50 सेक्टरों में बांटकर करीब 11,900 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया, जबकि गंगा में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें मुस्तैद रहीं। काशी में कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री ओडिशा के भुवनेश्वर जाएंगे, जहां भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन प्रस्तावित है।

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