
नई दिल्ली। राज्यसभा में नवनिर्वाचित सांसदों के शपथ ग्रहण के बाद बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की स्थिति और मजबूत हो गई है। 245 सदस्यीय सदन में एनडीए के पास अब 141 सांसद हैं। मनोनीत और निर्दलीय सदस्यों का समर्थन मिलने पर यह संख्या 151 तक पहुंच सकती है। वहीं, BJD और YSRCP का साथ मिलने पर एनडीए का आंकड़ा 160 तक पहुंच जाएगा, जो दो-तिहाई बहुमत के 164 के आंकड़े के बेहद करीब है।

मानसून सत्र से पहले चर्चा है कि केंद्र सरकार संविधान संशोधन से जुड़े अहम विधेयक लाने की कोशिश कर सकती है। ऐसे विधेयकों को पारित कराने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है। राज्यसभा में एनडीए की स्थिति मजबूत दिख रही है, जबकि पश्चिम बंगाल की रिक्त सीटों पर भविष्य में होने वाले उपचुनाव उसके लिए और फायदेमंद साबित हो सकते हैं। हालांकि, सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती अभी भी लोकसभा में है। वहां रिक्त सीटों पर जीत के बावजूद एनडीए दो-तिहाई बहुमत के जादुई आंकड़े से पीछे रह सकता है। ऐसे में क्षेत्रीय दलों का समर्थन और भविष्य के राजनीतिक घटनाक्रम संसद के नंबर गेम में अहम भूमिका निभा सकते हैं।







