
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में दर्दनाक हादसा हो गया। सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। जानकारी के मुताबिक, हादसा मुंडका औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्ट्री नंबर 93/8 में हुआ। बताया जा रहा है कि सबसे पहले एक मजदूर सफाई के लिए सेप्टिक टैंक में उतरा था, लेकिन अंदर मौजूद जहरीली गैस की वजह से वह बेहोश हो गया। उसे बाहर निकालने के लिए दो अन्य मजदूर भी टैंक में उतरे, लेकिन वे भी अंदर फंस गए और बाहर नहीं निकल सके।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत दिल्ली अग्निशमन सेवा को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीनों मजदूरों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान अरुण (38), संदीप (32) और चांद (42) के रूप में हुई है। तीनों पश्चिमी दिल्ली के सुल्तानपुरी स्थित इंद्रा झील इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मामले में तीन गिरफ्तार
हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री मालिक, उसके सहयोगी और एक ठेकेदार के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में फैक्ट्री मालिक सूरज मारवाह (50), बापरोला विहार निवासी जयंत (61) और ठेकेदार नीरज (35) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मजदूरों को साइट तक लाने की जिम्मेदारी ठेकेदार निभाता था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में जहरीली गैस के कारण दम घुटने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत के सटीक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को आगे की प्रक्रिया के लिए संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल भेजा गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सुरक्षा मानकों में किस स्तर पर लापरवाही हुई, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।




