शराब घोटाला केस ! ED और छत्तीसगढ़ सरकार की चुनौती खारिज,”भू-PAY” पुत्र चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत…

दिल्ली/रायपुर : सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3500 करोड़ के कथित शराब घोटाला मामले में,ED और छत्तीसगढ़ सरकार के तर्कों को विचारण योग्य ना मानते हुए,उसकी चुनौती ही ख़ारिज कर दी है,इसका सीधा लाभ पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को मिला है | अदालत के ताज़ा फैसले से पूर्व मुख्यमंत्री ने राहत की साँस ली है|शीर्ष अदालत ने चैतन्य बघेल की जमानत को यथावत रखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य सरकार की ओर से दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले में उठे कानूनी पहलुओं पर भविष्य में विस्तार से सुनवाई की जा सकती है।

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि फिलहाल हाई कोर्ट द्वारा दिए गए जमानत आदेश में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने यह भी माना, कि हाईकोर्ट के आदेश में जांच एजेंसियों के संबंध में की गई कुछ प्रतिकूल टिप्पणियां आवश्यक नहीं थीं, इसलिए उन्हें रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया गया।

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दरअसल,इसी साल जनवरी माह में पूर्व मुख्यमंत्री के आरोपी पुत्र को  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद ED और राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। एजेंसियों ने तर्क दिया था, कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है,लिहाज़ा आरोपी को मिली जमानत जांच को प्रभावित कर सकती है।

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याचिका में यह भी कहा गया था,कि जमानत के बाद कुछ अहम गवाह खुलकर सामने आने से बच रहे हैं। उधर,पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से हाजिर बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि हाईकोर्ट ने सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद ही जमानत मंजूर की थी।उसने कोर्ट को  यह भी बताया गया, कि मामले की जांच लंबे समय से जारी है और आरोपी जांच में सहयोग कर रहा है।

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गौरतलब है, कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2 जनवरी को मनी लॉन्ड्रिंग और कथित शराब घोटाले से जुड़े प्रकरण में चैतन्य बघेल को जमानत दी थी। इसी आदेश को चुनौती देते हुए ED, EOW और राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में इस जमानत का विरोध किया था | हालाँकि,सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।

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