
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज शनिवार को नई दिल्ली में जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय का लोकार्पण किया। उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि किसी देश का भविष्य कृषि, बाज़ार या उद्योग से नहीं, बल्कि उसके पुस्तकालयों में जुटने वाली युवाओं की भीड़ से तय होता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र को आगे बढ़ाने वाली, राष्ट्र-निर्माण और राष्ट्र को वैभव दिलाने वाली सारी गतिविधियों का मूल ज्ञान एवं विवेक में होता है। यह ज्ञान सिर्फ एक पुस्तकालय ही दे सकता है। अमित शाह ने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे एक बार पुस्तकालय से अवश्य जुड़ें। पढ़ने की आदत बनते ही अच्छे-बुरे का विवेक स्वयं जाग जाएगा। गृह मंत्री ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि जिस छोटे से कस्बे में वह पैदा हुए और उनका बचपन बीता,वहां एक समृद्ध पुस्तकालय था। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय के माध्यम से कब उनकी अध्ययन यात्रा वेदों और उपनिषदों तक पहुंच गई, उन्हें पता नहीं चला।
गृह मंत्री ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम से समर्पित यह पुस्तकालय युवाओं के ज्ञान और चिंतन का नया केंद्र बनेगा। उन्होंने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि वह दिल्ली के सभी पुस्तकालयों को आपस में लिंक करें और स्कूलों को इनसे जोड़ने के लिए एक ठोस योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि एक कार्ययोजना बनाकर पुस्तक प्रेमियों को पुस्तकालयों से जोड़ने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय के कर्मियों से भी आग्रह किया कि वे नई दिल्ली के आसपास के 10 विधानसभा क्षेत्रों के सभी स्कूलों से संपर्क कर युवाओं को पुस्तकालय से जोड़ें और उन्हें यहाँ आने के लिए प्रेरित करें। एक बार जब युवा पढ़ने की आदत बना लेंगे, तो वह स्वयं आगे बढ़ेंगे।
गृह मंत्रीअमित शाह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय भवन में 30,000 से अधिक पुस्तकों का संग्रह है। यहां रिसर्च करने वालों के लिए अलग व्यवस्था है, बहुउद्देशीय आधुनिक सभागार है, आधुनिक रीडिंग एरिया है, किड्स जोन है, रिसर्च सेंटर है और ई-लाइब्रेरी है, जिसमें 1 करोड़ पुस्तकें ऑनलाइन पढ़ी जा सकती हैं। वाई-फाई फ्री है। कई मॉनिटर लगाए गए हैं, जहां पुस्तकालय में अध्ययन के लिए आने वाले लोग नोट्स ले सकते हैं, डाउनलोड कर सकते हैं और अपनी विचार प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यहाँ आरएफआईडी आधारित अत्याधुनिक पुस्तक प्रबंधन प्रणाली लागू है। ओपेक कैटलॉग के माध्यम से नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया से भी जुड़ाव होगा।




