
नई दिल्ली : – त्योहारों के सीजन से पहले बढ़ती चीनी कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने डीलरों और थोक विक्रेताओं के लिए चीनी रखने की अधिकतम सीमा 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी है। नया नियम 15 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा। इसके साथ ही डीलरों को खरीदी गई चीनी का स्टॉक 30 दिनों से ज्यादा रखने की अनुमति नहीं होगी। सरकार का मकसद जमाखोरी और सट्टेबाजी पर रोक लगाकर बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना है।

31 अगस्त को चीनी की औसत खुदरा कीमत 63.28 रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 37 फीसदी ज्यादा है। हालांकि, सरकार का कहना है कि देश में घरेलू जरूरत के मुताबिक पर्याप्त चीनी उपलब्ध है। वहीं, कोलकाता और आसपास के महानगरीय क्षेत्रों को राहत दी गई है। यहां 4,000 क्विंटल की पुरानी स्टॉक लिमिट जारी रहेगी, क्योंकि यह क्षेत्र पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए प्रमुख चीनी सप्लाई हब है। सरकार को उम्मीद है कि स्टॉक लिमिट घटाने से जमाखोरी पर लगाम लगेगी और आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में चीनी के दाम नीचे आएंगे।







