
पुणे के मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। रविवार तड़के मलबे से आखिरी लापता व्यक्ति वामन कसबे का शव बरामद होने के बाद राहत और बचाव अभियान समाप्त कर दिया गया। इस हादसे में 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि नौ लोगों की जान चली गई।
यह हादसा 8 जुलाई को उस समय हुआ, जब पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम की वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट के पास जमा कचरे का विशाल पहाड़ भारी बारिश के बाद अचानक खिसक गया और तीन मंजिला प्रशासनिक इमारत पर आ गिरा। देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई और कई कर्मचारी उसके नीचे दब गए। हादसे ने कचरा प्रबंधन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे के बाद एंटनी वेस्ट ग्रुप के ग्रुप प्रेसिडेंट महेंद्र अनंतुला ने इसे ‘दैवीय घटना’ यानी ‘एक्ट ऑफ गॉड’ बताया। उन्होंने कहा कि लगातार हुई भारी बारिश के कारण ऐसी स्थिति बनी, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। कंपनी ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की सहायता, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी, बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च और घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है।






