
आंध्र प्रदेश के तट से दूर बंगाल की खाड़ी में रविवार तड़के 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके हल्के झटके विशाखापट्टनम के कई इलाकों में महसूस किए गए, जिससे सुबह के समय लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) के अनुसार, भूकंप सुबह 5 बजकर 5 मिनट 46 सेकंड पर आया। इसका केंद्र आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट से करीब 225 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में समुद्र की सतह से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है और न ही किसी प्रकार की चेतावनी जारी की गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत के विभिन्न हिस्सों में हाल के महीनों में हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए हैं। इसकी मुख्य वजह भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के बीच लगातार हो रही टेक्टोनिक गतिविधियां हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिकांश हल्के भूकंप सामान्य भूगर्भीय प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में लोगों को सतर्क रहना चाहिए और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए।






