
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच रायपुर के पांच दोस्तों की जान बाल-बाल बच गई। 26 अगस्त को ये पांचों धाडिंग जिले के मलेखु कस्बे में एक होटल पर चाय पीने के लिए रुके थे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि आगे का पुल बाढ़ में बह चुका है। उनका कहना है कि अगर वे कुछ मिनट पहले वहां से निकल गए होते, तो शायद बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

बाढ़ के दौरान दोस्तों ने त्रिशूली नदी में वाहनों और अन्य सामान को तेज बहाव में बहते देखा। उन्होंने मलेखु में एक ऊंची जगह पर शरण ली और रात अपनी कार में बिताई। स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन ने भी उनकी मदद की। इंटरनेट के जरिए उन्होंने अपने परिवारों से संपर्क बनाए रखा और उन्हें सुरक्षित होने की जानकारी दी।

नारायण सेन, दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, यतेंद्र प्रकाश और दिनेश सिंह ठाकुर समेत पांचों दोस्त 28 अगस्त को नेपाल से रायपुर के लिए रवाना हुए और सुरक्षित घर लौट आए। उन्होंने नेपाल में देखी तबाही को बेहद भयावह बताया। दोस्तों ने संकट के समय मदद करने वाले स्थानीय लोगों और प्रशासन का आभार जताया और कहा कि वे इस घटना को जिंदगीभर नहीं भूल पाएंगे।




