
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में CJP के संसद मार्च के बाद माहौल लगातार गरमाया हुआ है। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों और पुलिस कार्रवाई को लेकर मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। आज अदालत उस जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र जांच, सबूत सुरक्षित रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को लेकर दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।

उधर, दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान कथित उपद्रव और सुरक्षा बलों पर हमले के मामलों में कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने अलग-अलग थानों में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। अधिकारियों के मुताबिक, वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। वहीं CJP ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और व्यापक होगा।

इस बीच आंदोलन से जुड़े कई घटनाक्रम भी सामने आए हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए मुंबई से भोजन भेजे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जबकि पार्टी ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को वायरल वीडियो के बाद सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया। दूसरी ओर, प्रदर्शन में घायल छात्रों और पुलिसकर्मियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। जेएनयू छात्र संघ ने भी पुलिस कार्रवाई के विरोध में आक्रोश मार्च निकालते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।







