
नई दिल्ली। UPI Charge: देश में मुफ्त UPI पेमेंट सिस्टम में भविष्य में बदलाव हो सकता है। केंद्र सरकार ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जिससे आगे चलकर कुछ UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का कानूनी रास्ता खुल सकता है। हालांकि फिलहाल किसी तरह का शुल्क लागू नहीं किया गया है और UPI भुगतान पहले की तरह मुफ्त ही रहेगा।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि ₹2,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.3% से 0.5% तक MDR लगाया जा सकता है। यह शुल्क आम ग्राहकों पर नहीं, बल्कि 1.5 करोड़ रुपये से अधिक सालाना टर्नओवर वाले बड़े व्यापारियों पर लागू हो सकता है। छोटे दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के लिए मुफ्त UPI सुविधा जारी रहने की संभावना है।
MDR वह शुल्क होता है जो व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर बैंक और पेमेंट सेवा प्रदाताओं को देते हैं। फिलहाल UPI पर यह शुल्क नहीं लगता, जबकि कार्ड पेमेंट पर व्यापारी पहले से प्रोसेसिंग फीस देते हैं।
पेमेंट इंडस्ट्री का कहना है कि बिना MDR के UPI सेवाओं का विस्तार और नई तकनीक में निवेश करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। उनका मानना है कि बड़े ट्रांजैक्शन पर सीमित शुल्क लगाने से डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।
सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि MDR कब लागू होगा, इसकी अंतिम दर क्या होगी और किन लेनदेन पर यह लागू होगा। अंतिम निर्णय होने तक UPI भुगतान पूरी तरह मुफ्त बने रहेंगे।



