
नई दिल्ली। महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही ‘सेफ दिल्ली ऐप’ लॉन्च करने की तैयारी में है। सरकार का दावा है कि इस ऐप के जरिए आपात स्थिति में भेजा गया अलर्ट एक सेकंड से भी कम समय में पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंच सकेगा। प्रस्तावित ऐप की खास बात यह होगी कि खतरे की स्थिति में यूजर को मोबाइल ऑपरेट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले से निर्धारित वॉयस कमांड बोलते ही ऐप सक्रिय होकर पुलिस को तुरंत SOS अलर्ट भेज देगा। इसके साथ ही यूजर की GPS लोकेशन, घटनास्थल से जुड़ा लाइव ऑडियो और वीडियो भी कंट्रोल रूम तक पहुंचाया जा सकेगा। ऐप में यूजर अपनी जरूरी जानकारी और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट पहले से सेव कर सकेंगे। अलर्ट जारी होने पर पुलिस के साथ-साथ परिवार के सदस्यों या भरोसेमंद लोगों को भी सूचना भेजी जा सकेगी। इसके लिए SMS और व्हाट्सऐप नोटिफिकेशन की सुविधा भी प्रस्तावित की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर करीबी लोग तुरंत स्थिति से अवगत हो सकें।
अधिकारियों के मुताबिक, यह ऐप खास तौर पर उन महिलाओं के लिए उपयोगी हो सकता है जो देर रात घर लौटती हैं। इसके अलावा अकेले रहने वाले बुजुर्गों और कॉलेज कैंपस या सुनसान इलाकों में आने-जाने वाले छात्रों को भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सकेगी। सरकार का कहना है कि ऐप के जरिए पुलिस को घटनास्थल की रियल-टाइम जानकारी मिलेगी, जिससे मौके पर तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद होगी। लाइव ऑडियो और वीडियो की मदद से कंट्रोल रूम हालात का आकलन कर सकेगा और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस के सेंट्रल जिले में इस सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट पूरा किया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है। अब सरकार कैबिनेट मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। मंजूरी मिलने के बाद ‘सेफ दिल्ली ऐप’ को आम लोगों के लिए लॉन्च किया जा सकता है। सरकार का दावा है कि यह सिस्टम महिलाओं की सुरक्षा, स्टॉकिंग, छेड़छाड़, लूटपाट, चेन स्नैचिंग और बुजुर्गों के खिलाफ अपराध जैसी घटनाओं में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में मददगार साबित हो सकता है।






