
भारत और रूस के बीच विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) की बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों ने अपनी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की। बैठक में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों ने की सह-अध्यक्षता
इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और रूस के उप विदेश मंत्री एंड्रे रुडेन्को ने की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों ने रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की और आपसी दृष्टिकोण साझा किए।
यूएनएससी और वैश्विक मुद्दों पर फोकस
इससे पहले 17 मार्च को आयोजित 7वें भारत-रूस संयुक्त राष्ट्र परामर्श में भी अहम मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एजेंडे से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों देशों ने आतंकवाद-रोधी उपाय, शांति स्थापना, यूएनएससी सुधार और अन्य वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
विदेश मंत्रियों के बीच भी हुई बातचीत
इससे पहले 11 मार्च को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई थी। इसमें पश्चिम एशिया के हालात और द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार पर चर्चा की गई।
भारत-रूस संबंधों को 25 साल पूरे
गौरतलब है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दिसंबर में भारत का दौरा किया था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की, जिसे 25 साल पूरे हो चुके हैं। इसके बाद 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में ऊर्जा, परमाणु शक्ति, व्यापार, रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।




