
दिल्ली : – NCERT के उन अफसरों की नींद हराम हो गई है, जिन्होंने विवादित चेप्टर स्कूली बच्चों पर थोप दिया था। मामले से बच निकलने के लिए अफसरों ने रातों रात 8वीं क्लास की नई बुक पर रोक लगा दी, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चूका था। NCERT ने आज सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगते हुए पुस्तक पर रोक लगाने की जानकारी देते हुए कोर्ट को यह भी बताया कि आखिर किताब में कैसे आया विवादित चैप्टर ?

हालांकि सुनवाई के दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय शिक्षा सचिव समेत अन्य अफसरों पर सख्त टिप्पणी करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। इसके पूर्व शिक्षा मंत्रालय के दखल के बाद NCERT ने देर रात 8वीं सोशल साइंस की टेक्स्ट बुक पर रोक लगा दी है। एनसीईआरटी ने विवादित चैप्टर पर कोर्ट में माफी मांगी है, अब जल्द ही एक्सपोर्ट्स की सलाह के बाद नई किताब जारी की जाएगी।

NCERT 8वीं क्लास की नई बुक पर रातोंरात रोक लगने से शिक्षा मंत्रालय में गहमा – गहमी है, उसके दखल के बाद नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 8वीं सोशल साइंस की किताब का वितरण बंद कर दिया गया है। यह फैसला सोशल साइंस के एक चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट के विद्वानों के बाद लिया गया है। अब फिर से एक्सपोर्ट्स किताब पर चर्चा करेंगे और एक प्रक्रिया के बाद विवादित चैप्टर को फिर से लिखा जाएगा। उत्तेजित, नई शिक्षा नीतियां (NEP 2020) और स्कूल शिक्षा के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 के हिसाब से एनसीईआरटी स्कूल की नई किताबें तैयार कर रहा है।
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जानकारी के मुताबिक अब तक क्लास 1 से 8 तक के लिए टेक्स्टबुक्स बन चुकी हैं। 8वीं क्लास के लिए सोशल साइंस की टेक्स्टबुक का पार्ट 1 पिछले साल जुलाई में रिलीज हुआ था, जबकि पार्ट-2 23 फरवरी 2026 को जारी किया गया। पार्ट-2 की नई बुक जारी होने के बाद इसके चैप्टर चर्चा का विषय बन गए। आपत्तियां, हाईकोर्ट के जज और अब सुप्रीम कोर्ट के जज ने इसके चैप्टर पर आपत्ति जताई है।

यह भी बताया जाता है कि बवाल मचने के बाद NCERT 8वीं सोशल साइंस की किताब पर अचानक ब्रेक लग गया है। 8वीं सोशल साइंस की नई किताब में विवादित चैप्टर ‘न्यायालय में करप्शन’ की वजह को रोक का आधार बताया गया है। दरअसल बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की क्लास 8 की किताब में ‘न्यायालय में करप्शन’ चैप्टर पर चिंता जताई थी। चीफ जस्टिस ने कहा, ‘दुनिया में किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इंकार नहीं दी जाएगी। यह एक सोची-समझी और गहरी साजिश लगती है। मुझे पता है इसमें कैसे गिरफ्तारी है? मैं यह केस खुद संभालूंगा।’ चीफ जस्टिस सूर्यकांत की प्रवर्तन वाली पीठ के सामने सीनियर वकील कपिल सिब्बल और डॉ अभिषेक मनु सिंघवी ने यह मुद्दा उठाया था। सिब्बल ने कहा कि कक्षा 8 के बच्चों को न्यायिक में करप्शन के बारे में पढ़ाया जाना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि संस्था के सदस्य होने के रिश्तेदार वे इससे परेशान हैं।
चीफ जस्टिस ने कहा कि वह मामले के बारे में जानते हैं, इसे लेकर उन्हें कई फोन कॉल और मैसेज मिले हैं। यह एक सोची-समझी चाल लग रही है। मै ज्यादा कुछ नहीं परेशान। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही आदेश पारित कर स्वतः संज्ञानात्मक ले लिया है। उन्होंने कहा कि बार और बेंच दोनों चिंतित है और हाई कोर्ट के कई जज भी इस विषय को लेकर परेशान हैं। चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि अन्य संस्थाओं में करप्शन का कोई उल्लेख नहीं में कुछ विवादित बाते प्रकाशित हुई है, जिस पर खेद है।
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NCERT ने माफी मांगते हुए विवाद की वजह भी कोर्ट को बताई, अदालत की सख्त टिप्पणी और शिक्षा मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद NCERT ने माफी मांगी। NCERT ने 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब पर रोक भी लगा दी। उसने 8वीं सोशल साइंस की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित विवादास्पद हिस्से को हटाने का फैसला भी किया। देर रात एनसीईआरटी ने बयान जारी कर कहा, ये गलती अनजाने में हुई। प्रकाशित विवादित सामग्री पर खेद है। एनसीईआरटी का कहना है कि यह गलती अनजाने में हुई है। एनसीईआरटी ने कहा कि वह देश की न्यायपालिका और संविधान का बहुत सम्मान करती है और यह गलती अनजाने में हुई है। इस किताब के चैप्टर को सिफारिशों की सलाह के बाद फिर से लिखा जाएगा।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘एनसीईआरटी फिर से कहता है कि नई टेक्स्ट बुक का मक़सद स्टूडेंट्स के बीच कॉन्स्टिट्यूशनल लिटरेसी, इंस्टीट्यूशनल रिस्पेक्ट और डेमोक्रेटिक पार्टिसिपेशन की जानकारी भरी समझ को मजबूत करना है। किसी भी कॉन्स्टिट्यूशनल बॉडी के अधिकार पर सवाल उठाने का कोई इरादा नहीं है, अपने लगातार रिव्यू प्रोसेस के हिस्से के तौर पर, एनसीईआरटी सख्ती के लिए तैयार है।’ इस अधिकारी ने आगे यह भी कहा, ‘इसे ज़रूरत के हिसाब से सही सलाह लेकर फिर से लिखा जाएगा और एकेडमिक सेशन 2026-27 शुरू होने पर क्लास 8 के स्टूडेंट्स को नई किताब दे देंगे।’ बता दें कि नया एकेडमिक सेशन शुरू होने में अब ज्यादा वक्त नहीं बच रहा है। 1 अप्रैल से नए सेशन की क्लासेस शुरू हो जाएंगे। इसलिए एनसीईआरटी को 1 महीने के अंदर किताब में संशोधन करके टेक्स्ट बुक जारी करनी होगी। फ़िलहाल मामले के सुलझने से लाखों छात्र और उनके अभिभावक राहत की साँस ले रहे है।






