
देश में कई बड़े आंदोलन हुए, लेकिन CJP और छात्रों के 37 दिन लंबे आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने इसे एक बड़ी राजनीतिक जीत के तौर पर पेश किया है। प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिजीत दीपके ने वीडियो जारी कर समर्थकों का आभार जताया। दीपके ने कहा कि पिछले 37 दिन बेहद मुश्किल रहे, लेकिन छात्रों और समर्थकों के सहयोग से आंदोलन अपने लक्ष्य तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि बीमारी के बावजूद वह आंदोलन से जुड़े रहे और जंतर-मंतर पर डटे सभी लोगों का दिल से धन्यवाद किया।

हालांकि, दीपके ने साफ कहा कि प्रधान का इस्तीफा अंत नहीं, बल्कि शुरुआत है। उन्होंने कहा कि CJP को अभी लंबा सफर तय करना है और युवाओं की आवाज को आगे भी मजबूती से उठाया जाएगा। CJP की शुरुआत मई में एक व्यंग्यात्मक पहल के तौर पर हुई थी, लेकिन कुछ ही समय में यह युवाओं के आंदोलन में बदल गई। आंदोलनकारियों ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर कार्रवाई और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। दीपके ने अपने आलोचकों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आलोचना से उन्हें अपनी कमियां समझने और खुद को बेहतर करने का मौका मिला।






