
रायपुर : – ग्राम पंचायत कृष्णानगर में सरपंच पद के चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्वाचन अधिकारी के उस निर्णय को बरकरार रखा, जिसमें 21 वर्ष की न्यूनतम आयु पूरी नहीं होने के कारण सरपंच का चुनाव रद्द कर दिया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव लड़ने के लिए संविधान के अनुच्छेद 243-F के तहत उम्मीदवार का नामांकन दाखिल करने की तारीख तक 21 वर्ष की आयु पूरी करना जरूरी है।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह चुनाव लड़ने के लिए निर्धारित उम्र पूरी कर चुकी थी। हालांकि, उसके दस्तावेजों में जन्मतिथि को लेकर अंतर सामने आया। आधार कार्ड और वोटर आईडी में जन्मतिथि 12 अप्रैल 2002 दर्ज थी, जबकि कक्षा 1 से मैट्रिक तक के शैक्षणिक रिकॉर्ड में जन्मतिथि 12 अप्रैल 2004 दर्ज मिली। कोर्ट ने कहा कि आधार कार्ड मुख्य रूप से पहचान का दस्तावेज है और इसे जन्मतिथि का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता।
अदालत के सामने 12 अप्रैल 2002 की जन्मतिथि वाला जन्म प्रमाणपत्र भी पेश किया गया, लेकिन कोर्ट ने गौर किया कि यह प्रमाणपत्र 5 जुलाई 2025 को अपडेट होकर जारी हुआ था, जबकि चुनाव के लिए नामांकन इससे पहले दाखिल किया जा चुका था। पुराने शैक्षणिक रिकॉर्ड में लगातार 12 अप्रैल 2004 की जन्मतिथि दर्ज होने के चलते हाई कोर्ट ने इन्हें अधिक विश्वसनीय माना। साथ ही कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन अधिकरण के सामने याचिकाकर्ता को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिला था, लेकिन वह अपनी पात्रता साबित करने के लिए पर्याप्त विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकीं।




