
रायपुर/दिल्ली : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ‘‘भू-PAY’‘ बघेल दिल्ली से अपना राग अलाप कर रायपुर लौट आए है,महादेव एप्प सट्टा घोटाले मामले में बघेल ने बीजेपी और PMO पर सीधा हमला बोला है,उनकी बदलती भाव-भंगिमाओं और चेहरे पर उड़ती हवाईयों के बीच कांग्रेस के पंजाब प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री की अचानक दिल्ली दौड़ सुर्ख़ियों में है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र से अचानक दूरियां बना कर पूर्व मुख्यमंत्री ने दिल्ली दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज़ करा कर,बीजेपी और PMO पर अपनी भड़ास निकाली है।

दिल्ली में कांग्रेस के गलियारों में बघेल राग चर्चा का विषय बन गया है। उनके इस राजनैतिक हमले को पार्टी के भीतर गिरफ़्तारी के पूर्व बचाव की आख़िरी कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है। बताते है,कि महादेव एप्प सट्टा घोटाले में कई क़रीबी आरोपियों के जाँच एजेंसियों के हत्थे चढ़ने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री की मुश्किलें बढ़ गई है,दावा यह भी किया जा रहा है,कि पार्टी कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल की गिरफ़्तारी के बाद पैदा हुए हालात से वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बघेल दिल्ली में दिनभर व्यस्त रहने के बाद देर शाम रायपुर लौट गए।

यह भी बताया जा रहा है,कि संभावित गिरफ़्तारी के दौरान पार्टी के रुख़ की रूप-रेखा तैयार करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने समर्थक विधायकों के साथ गोपनीय बैठक भी करना शुरू कर दिया है। रायपुर में विधानसभा के मानसून सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री बघेल आज सुबह से ही मायूस नज़र आए|उनकी अलग-अलग विधायकों के साथ गोपनीय मंत्रणा सुर्ख़ियों में है|

महादेव एप्प सट्टा घोटाले में कई नामज़द आरोपियों की देश-विदेश से फ़रारी के चलते पूर्व मुख्यमंत्री बघेल बेफ़िक्री के साथ अपने दिन काट रहे थे। सूत्रों की मानें तो,पहले राम गोपाल फिर सौरभ चंद्राकर और अब विकास गर्ग की गिरफ़्तारी से पूर्व मुख्यमंत्री की ”नींद उड़’‘ गई है। अब उन्हें भी अपने गिरफ़्तारी का एहसास होने लगा है।

यह भी बताया जाता है,कि सट्टेबाज़ी के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की दौड़-भाग शुरू होते ही,पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने भी एजेंसियों की तर्ज़ पर अपने बचाव की कवायतें तेज कर दी है। उनका दिल्ली दौरा कोर्ट-कचहरी और वकीलों से मेल-मुलाक़ात का खास हिस्सा बताया जा रहा है|महादेव बेटिंग एप और स्काई एक्सचेंज मामले में जांच एजेंसियों ने एक तरफ ओमान में बैठे मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को भार लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है,वही पूर्व मुख्यमंत्री ”गिरोह” के सटोरियों को आए दिन धर दबोचा जा रहा है|

सौरभ अभी ओमान की राजधानी मस्कट में पिछले 20 दिन से नजरबंद बताया जाता है| जानकारों के मुताबिक,अगर एक महीने के भीतर इस फरार आरोपी को भारत नहीं लाया गया, तो ओमान की पुलिस स्थानीय नियमों के तहत उसे रिहा कर सकती है। सूत्रों की मानें तो,आरोपी के प्रत्यर्पण को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ओमान सरकार के संपर्क में है|यह भी बताया जा रहा है,कि अदालत से सौरभ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और प्रत्यर्पण आदेश भी जारी किया जा चुका हैं।आपराधिक मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेजों को तीन भाषाओं में अनुवाद कर एजेंसियों ने ओमान की अदालत में दस्तावेज पेश किए थे|
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सौरभ चंद्राकर को पूर्व मुख्यमंत्री बघेल का करीबी बताया जाता है,उससे पूछताछ में कई राज खुलने के आसार जाहिर किए जा रहे हैं। बताते है,कि सट्टेबाजी के नेटवर्क के जरिए बघेल ”गिरोह” देशभर के कई राज्यों में महादेव एप्प सट्टा पैनल स्थापित कर रहा था|गौरतलब है,कि विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले दुबई से शुभम सोनी ने एक वीडियो जारी कर तत्कालीन मुख्यमंत्री को ”500 करोड़” देने के आरोप लगाए थे|
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इधर,दिल्ली से गिरफ्तार कारोबारी विकास गर्ग से ED ने पूछताछ शुरू कर दी है,दो दिन पहले दिल्ली से पकड़े गए कारोबारी विकास गर्ग को बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट में पेश किया था। विशेष कोर्ट ने आरोपी विकास गर्ग को 10 दिन की रिमांड पर ED को सौंप दिया था।

सूत्रों के मुताबिक,जांच में यह तथ्य सामने आया है, कि विकास गर्ग का संपर्क प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से था। वह इन्हीं दोनों के कहने पर सट्टे की कमाई को अलग-अलग जगह निवेश करता था। छत्तीसगढ़ के कई IPS अधिकारियों को उसके द्वारा सीधे निर्देश दिए जाते थे|

यह भी बताया जाता है,कि इन IPS अधिकारियों के हरी झंडी मिलने के बाद सट्टे के अवैध पैसों का इस्तेमाल करके एबिक्सकैश नाम की कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी गई थी। सूत्रों के मुताबिक,IPS आनंद छाबड़ा,शेख़ आरिफ और प्रशांत अग्रवाल इस अवैध कमाई को वैध बनाने के लिए देश-प्रदेश की कई कंपनियों में निवेश कर नगदी खपाने में सक्रिय बताए जाते थे|

उधर,सटोरियों पर कसता शिकंजा पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के लिए किसी आफ़त से कम नहीं देखा जा रहा है | हाल ही में एजेंसी ने विकास और उसके परिवार की कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की थीं। यह भी बताया जा रहा है,कि अब 10 दिन की रिमांड के दौरान ईडी विकास से इसी बड़े लेन-देन के बारे में पूछताछ कर सकती है।
पूर्व सीएम के चेहरा देखने लायक,क्यो उड़ी हवाइयाँ ? ED-EOW और CBI की आहट से होश फ़ाख्ता..




