
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश अब आफत का रूप लेती दिखाई दे रही है। गुरुवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक जनहानि पूर्वांचल में हुई, जहां गोरखपुर और बस्ती मंडल में बिजली गिरने से आठ लोगों की जान चली गई, जबकि बुलंदशहर में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हुई। कई जिलों में जलभराव, सड़क संपर्क बाधित होने और जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। इस बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए 46 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, लखनऊ, बाराबंकी, बहराइच, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, लखीमपुर खीरी सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, गाजियाबाद, सहारनपुर, बागपत, शामली, मुरादाबाद और आसपास के इलाकों में भी तेज बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। लगातार बारिश के कारण कई जिलों में स्कूलों को एहतियातन बंद रखने का फैसला लिया गया है और लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है।

बारिश के बढ़ते असर को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जनहानि, पशुहानि और अन्य नुकसान का तत्काल आकलन करने, मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराने तथा घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा और कई जिलों में अच्छी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।






