
पुणे के लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल की हत्या की जांच में पुलिस को कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। जांच के दौरान मुख्य आरोपी सिया गोयल के घर से एक छिपाया गया दूसरा मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसकी फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस के अनुसार, सिया हत्या से पहले इंटरनेट पर इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड के बारे में लगातार जानकारी जुटा रही थी। इसके अलावा उसने यह भी सर्च किया था कि क्या पुलिस हिरासत में महिलाओं के साथ मारपीट होती है। जांच में यह भी सामने आया कि सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी आपस में बातचीत के लिए कोड वर्ड्स का इस्तेमाल करते थे ताकि किसी को उन पर शक न हो।

पुलिस का दावा है कि केतन की हत्या कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि इसकी योजना करीब 19 दिनों पहले बनाई गई थी। 31 मई को लोहगढ़ किले की यात्रा के दौरान सिया के मन में केतन को खाई में धक्का देने का विचार आया। इसके बाद उसने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट छिपाकर उनकी विदेश यात्रा रद्द करवाई और 14 जून को पहली बार उसे खाई में धक्का देने की कोशिश की, लेकिन वह बच गया। आखिरकार 18 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के बहाने सिया दोबारा केतन को लोहगढ़ किला ले गई, जहां पहले से मौजूद चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसे करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया। पुलिस के अनुसार, इस घटना में केतन की मौके पर ही मौत हो गई।

जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के अगले दिन सिया केतन के घर पहुंची और परिजनों के सामने दुख जताते हुए उन्हें सांत्वना दी। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी तक दोनों आरोपी सामान्य जीवन जीते रहे और उनके व्यवहार में किसी तरह का पछतावा नहीं दिखा। फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है। इसी क्रम में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि राजा रघुवंशी हत्याकांड से मिली जानकारी का इस मामले की कथित साजिश में किस तरह इस्तेमाल किया गया।







