
रायपुर : रायपुर से सटे माना इलाके में बड़े भाई की मौत को अभी हफ़्ते भर भी नहीं बीता की,उसके छोटे भाई की लाश घर में ही फांसी के फंदे पर झूलती पाई गई| रहस्यमय बात यह है,कि मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है| जबकि,इलाके के लोग तस्दीक करते है,कि 45 वर्षीय मृतक सोना दास निहायती अंगूठा छाप अर्थात अनपढ़ था| यही नहीं,आत्महत्या वाली सारी रात वो जागकर अपने एक सहयोगी मनोरंजन नामक शख्स के साथ मिठाई बना रहा था| जबकि,इलाके का पार्षद गिरिजा बैस भी मृतक के साथ मौजूद था| उसे भी ज़रा सा आभास नहीं हुआ,कि अगले ही पल उसका साथी सोना दास मौत को गले लगा लेगा|ये दास्तान है,माना में निवासरत होटल संचालक सोना दास की| करोड़ों की संपत्ति,क़ीमती जेवर, जमीन और इलाके के कई लोगों को उधार में दी गई,लाखों की नगदी छोड़ अचानक मौत को गले लगाने का मामला सुर्ख़ियों में है |

स्थानीय पुलिस ने सोना की लाश का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया था| अब सोना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है| इस बीच अंतिम संस्कार के बाद चार दिनों के भीतर ही सोना दास का आज तेरहवीं कार्यक्रम संपन्न हो गया| सोना दास अब इस दुनिया में नहीं है| लेकिन,उनकी मौत से माना इलाके के लोग सदमें में है|उनकी माने तो,सोना दास ने आत्महत्या नहीं की,बल्कि उसे मौत की नींद सुला कर फांसी पर लटका दिया गया|फांसी का फंदा भी ऐसा,कि जिसे देख कर लोगों की आंखे फटी की फ़टी रह गई थी| उनके मुताबिक,सोना के पैर जमीन को छू रहे थे,जबकि सफ़ेद धोती का कपडा सिर्फ औपचारिकता वश उनके गले पर बंधा नजर आ रहा थ | अब संदेह जाहिर किया जा रहा है,कि अकेला शख्स सोना दास और उसके नाम दर्ज करोड़ों की संपत्ति मौत की वजह तो नहीं ?

यह भी बताया जा रहा है,कि माना चर्चित इन दोनों भाइयों ने शादी नहीं की थी,और ना ही कोई करीबी नाते रिश्तेदार उनके घर नजर आता था ? माना इलाके में परिचितों को लाखों की उधारी देने के मामले में भी सोना दास का नाम लोगों की जुबान पर है| जानकारी के मुताबिक,हफ्ते भर में एक के बाद एक दो भाइयों की मौत से सनसनी है| बताया जा रहा है,कि माना कैंप इलाके में निवासरत साधु होटल के संचालक 60 वर्षीय रक्खा दास की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी| उनकी मौत के चौथे दिन उनके छोटे सोना दास की आत्महत्या की घटना सामने आई है |सोना की हत्या,आत्महत्या या साजिश की गुत्थी ने सबको चौंकाया दिया है |

सोना की मौत से ज्यादा चर्चा इलाके में उसके सुसाइड नोट की हो रही है|उसकी फांसी पर झूलने का आखिर सच क्या है ? इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है| सोना के करीबी उनकी मौत पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे है |क्या यह आत्महत्या ही है या सुनियोजित साजिश ? इलाके के कई चेहरे जांच के घेरे में बताए जाते है |

लोगों की माने तो,सोना दास अनपढ़ था,हालाँकि जरूरत लायक हिसाब-किताब कर लिया करता था | वो ना तो हस्ताक्षर करना जनता था और ना ही सुसाइड नोट लिखने जैसी योग्यता रखता था|आखिर ऐसे में किसने लिखी उसकी मौत की आखिरी कहानी ? हैरानी जताने वाले लोगों की कोई कमी नहीं|सोना के सुसाइड नोट में ही नहीं उनकी मौत के पीछे छिपे राज की चर्चा जोरों पर बताई जाती है,दोनों मृतक भाइयों की करोड़ों की जमीन पर आखिर किसकी नजर टिकी है ?

घर में जारी अंतिम संस्कार कार्यक्रम से पूर्व सोना ने अपनी माँ और अन्य परिजनों से प्राप्त गहने किसके घर सुरक्षित रखना मुनासिब समझा था ? उस शख्स का नाम भी दबी जुबान लिया जा रहा है| माना कैंप इलाके में चर्चित कारोबारी भाइयों की रहस्यमय मौत से उठे कई सवाल अब सुलगने लगे है| जबकि,मृतकों के कोई भी वारिसान के सामने नहीं आने के चलते सोना के करीबी दोस्त उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं कर रहे है,मामले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग उनके द्वारा की जा रही है|
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