
महाराष्ट्र रायगढ़ के अम्बेनाली घाट में सोमवार (25 मई) को बड़ा हादसा हो गया जहां, एक कार गहरी खाई में गिर गई. इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई है. ये घटना महाबलेश्वर और पोलादपुर के बीच स्थित अम्बेनाली घाट की बताई जा रही है. सभी मृतक सतारा के बताए जा रहे हैं. खाई बहुत गहरी होने की वजह से राहत कार्य में काफी परेशानी आ रही है। टीम दूरबीन और रस्सियों की मदद से शवों की तलाश कर रही है। यह हादसा दाबेली गांव से कुछ ही दूरी पर हुआ.
महाबलेश्वर के पास बड़ा हादसा हुआ है. एक स्कॉर्पियो गाड़ी गहरी खाई में गिर गई. इस हादसे में कार सवार 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई.महाराष्ट्र के महाबलेश्वर में रविवार देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने आठ लोगों की जिंदगी छीन ली. पोलादपुर-आंबेनळी घाट मार्ग पर एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर लगभग 700 से 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार सभी लोगों की मौत की आशंका ताई जा रही है.
महाबलेश्वर की पहाड़ियों में रविवार रात एक दर्दनाक हादसे ने आठ परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं. अंधेरी रात, गहरी खाई और मुश्किल रास्तों के बीच एक स्कॉर्पियो कार सैकड़ों फीट नीचे जा गिरी. हादसे के बाद राहत-बचाव दल रातभर जूझता रहा और पूरे इलाके में मातम जैसा माहौल फैल गया.
मृतकों की पहचान सातारा जिले के कोरेगांव तहसील के आसगांव गांव के रहने वाले लोगों के रूप में हुई है. इनमें महेश अनिल पवार, 25, आदित्य अशोक सालुंखे, 21, रितेश राजेंद्र लोखंडे, 25, सुहास जितेंद्र लोखंडे, 20, अंश समीर चव्हाण, 18, उत्कर्ष आनंद शिंगटे, 21, अनिल अभिमन्यु शिंगटे, 25, और नितिन किसान नायकोंडे, 35 के तौर पर इनकी पहचान हुई है। गाड़ी में सवार सभी लोग कोंकण में छुट्टियां बिताने के बाद तड़के अपने घर सतारा की ओर वापस लौट रहे थे, तभी ये हादसा हुआ.
बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हुआ. रात का अंधेरा और घाट क्षेत्र का दुर्गम रास्ता बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बन गया.
सुबह करीब छह बजे से चार अलग-अलग रेस्क्यू टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. अब तक दो शवों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी शवों को खाई से बाहर लाने की प्रक्रिया जारी है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं.
महाबलेश्वर रेस्क्यू टीम, प्रतापगढ़ टीम, सीस्केप महाड-पोलादपुर, आपदा मित्र और लोकल रेस्क्यू ग्रुप की टीमें इस ऑपरेशन में शामिल हैं. बता दें कि यह वही इलाका है जहां साल 2018 में कोंकण एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की एक बस का एक्सीडेंट हुआ था.





