
नई दिल्ली : बकरीद से पहले देश के कई राज्यों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत कई राज्यों ने कुर्बानी, पशु परिवहन और अवैध बूचड़खानों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकारों ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

महाराष्ट्र सरकार ने गोवंश की अवैध तस्करी और गैरकानूनी कटाई के खिलाफ विशेष अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि राज्य में गोमाता की तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर 25 से 28 मई तक पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। सीमावर्ती इलाकों, संवेदनशील मार्गों और बड़े शहरों में पशु ढुलाई करने वाले वाहनों की सघन जांच होगी।

वहीं उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने साफ किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी और केवल तय स्थानों पर ही पशु बलि दी जा सकेगी। सड़क या सार्वजनिक मार्गों पर नमाज पढ़ने पर भी रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही अवैध बूचड़खानों पर सख्त कार्रवाई और खुले में मांस बिक्री पर प्रतिबंध लागू करने को कहा गया है।

पश्चिम बंगाल में भी पशु वध को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य में 1950 के पशु वध नियंत्रण कानून को कड़ाई से लागू करने के आदेश दिए गए हैं। नए निर्देशों के तहत बिना सरकारी पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के गाय या भैंस का वध नहीं किया जा सकेगा। केवल अधिक उम्र या शारीरिक रूप से अक्षम पशुओं के वध की अनुमति होगी। खुले में पशु वध पर भी रोक लगा दी गई है। इस फैसले को लेकर विवाद बढ़ा, लेकिन कोलकाता हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

इधर दिल्ली सरकार ने भी बकरीद को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की हैं। मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि राजधानी में गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पूरी तरह गैरकानूनी होगी। सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर कुर्बानी देने पर भी प्रतिबंध रहेगा। सरकार ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




