
बस्तर दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज सोमवार को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ जन सुविधा केंद्र का शुभारंभ करते हुए कहा कि जिन सुरक्षा कैंपों ने वर्षों तक नक्सलवाद के खिलाफ मोर्चा संभाला, अब उन्हें आदिवासी कल्याण और जनसेवा केंद्रों में बदला जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि बस्तर में अब विकास का नया दौर शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि 2013 से सुरक्षा चौकी के रूप में काम कर रहा नेतानार कैंप अब स्थानीय आदिवासियों के लिए सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। आने वाले डेढ़ साल में ऐसे 70 कैंपों को जन सुविधा केंद्रों में तब्दील किया जाएगा। इन केंद्रों के जरिए लोगों को बैंकिंग, आधार कार्ड, राशन कार्ड और सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।गृहमंत्री ने आदिवासी समुदाय के लिए रोजगार और शिक्षा को लेकर भी बड़ा ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में आदिवासियों के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। साथ ही डेयरी और वन उपज के क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगी। हर आदिवासी परिवार तक डेयरी मॉडल पहुंचाने और महिलाओं को दो-दो पशु उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जाएगा।अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के कारण वर्षों तक बस्तर विकास से दूर रहा, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने लोगों को यह भ्रम दिया कि विकास नहीं होने की वजह से उन्होंने हथियार उठाए, जबकि सच यह है कि हथियारों की वजह से ही विकास बाधित हुआ। अब नक्सलियों के सरेंडर के बाद इलाके में विकास की शुरुआत हो चुकी है।





