
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला स्थित 3D फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट में तीन मजदूरों की मौत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, फैक्ट्री के फेरो अलॉयज डिवीजन में फर्नेस की लान्सिंग के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट होने से यह हादसा हुआ। घटना के बाद फैक्ट्री का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि सरकार ने फैक्ट्री को बंद कर दिया है और भविष्य में औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि मृतक मजदूरों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इधर, इस हादसे को लेकर कांग्रेस ने भी आठ सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसकी जिम्मेदारी पूर्व मंत्री शिव डहरिया को सौंपी गई है। समिति पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी। वहीं कांग्रेस ने राज्य सरकार पर औद्योगिक सुरक्षा को लेकर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक मजदूरों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने तथा फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।





