
गुवाहाटी/दिल्ली :असम में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा का बेसब्री से इंतज़ार शुरू हो गया है| मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा पहले ही एलान कर चुके है,कि वो “पवन खेड़ा का पवन पेड़ा” बना कर ही दम लेंगे ? यही नहीं मुख्यमंत्री ने यह भी अंदेशा जाहिर किया था,कि राहुल गांधी पर्दे के पीछे है,उन्होंने ही खेड़ा को फर्जी दस्तावेज देकर उनकी छवि ख़राब करने की मुहीम छेड़ी थी| विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गाँधी ने अपनी सभाओं में मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा पर कई तीखे वार किए थे| राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर राहुल गाँधी ने मुख्यमंत्री सरमा को ताउम्र जेल में डालने की धमकी भी दी थी| जबकि,एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दस्तावेज जारी कर कांग्रेस प्रवक्ता खेड़ा ने हेमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के 3 पासपोर्ट और विदेशों में हज़ारो करोड़ की प्रॉपर्टी का दावा किया था| मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने कांग्रेस के इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए साजिश करार दिया था| उन्होंने इस मामले की पुलिस से शिकायत भी की थी|

असम पुलिस की वो याचिका रंग लाई है,जिसमें सुप्रीम कोर्ट से तेलंगाना हाई कोर्ट के उस फ़ैसले पर रोक की गुहार लगाई गई थी,जिसमें खेड़ा काफी राहत महसूस कर रहे थे| इस याचिका पर आज हुई सुनवाई के बाद कांग्रेसी ख़ेमे में मायूसी छा गई है| सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली अग्रिम (ट्रांजिट) बेल पर रोक लगा दी है| हालांकि,बेंच ने यह भी साफ़ किया है,कि अगर खेड़ा असम में अग्रिम बेल के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट का आज का आदेश उनके आड़े नहीं आएगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को राहुल गांधी और कांग्रेस के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है| अब खेड़ा को अंतरिम जमानत के लिए असम जाना ही होगा | ट्रांजिट जमानत पर रोक के तेलंगाना HC के फैसले को पलटते हुए सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा के तमाम कानूनी दांव पेंचो की हवा निकाल दी है| कानूनी मामलो के जानकार तस्दीक करते है,कि कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा फिर मुश्किल में फंस गए है,अब उन्हें खेड़ा की गिरफ़्तारी का अंदेशा है | तेलंगाना हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत प्राप्त करने के बाद भी खेड़ा सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आए थे| अब सुप्रीम कोर्ट के फरमान के बाद असम पुलिस एक बार फिर सक्रिय हो गई है|

सूत्र तस्दीक करते है,कि गिरफ़्तारी के बजाए कोर्ट में सरेंडर करने के लिए कांग्रेस प्रवक्ता ज़ोर दे सकते है| इस कवायत से वाकिफ असम पुलिस ने पवन खेड़ा को लेकर अपनी चौकसी बढ़ा दी है|राजनैतिक गलियारों में पवन खेड़ा बनाम हेमंत बिस्वा सरमा मामले ने तूल पकड़ लिया है| मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा पहले ही अंदेशा जता चुके है,कि कांग्रेस प्रवक्ता को झूठी जानकारी का पुलिंदा राहुल गांधी ने ही थमाया था| सूत्रों के मुताबिक,इस मामले में पवन खेड़ा का सरेंडर या गिरफ्तारी दोनों ही कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के लिए मुसीबत का सबब साबित हो सकती है|यह भी बताया जाता है,कि यदि खेड़ा असम पुलिस के हत्थे चढ़े तो मामला “दूर तलक” जाने में देर नहीं लगेगी|

सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को दी गई,तेलंगाना हाई कोर्ट की एक हफ्ते की ट्रांजिट बेल पर रोक लगा दी है। मालूम हो कि, यह बेल उन्हें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर कथित तौर पर कई पासपोर्ट रखने का आरोप लगाने के मामले में दर्ज FIR के सिलसिले में दी गई थी।सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस.चांदुरकर की बेंच ने खेड़ा को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है। यह नोटिस असम सरकार की उस याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें तेलंगाना हाई कोर्ट ने खेड़ा को दी गई अग्रिम (ट्रांजिट) बेल पर रोक लगाने की मांग की गई थी।हालांकि,बेंच ने यह भी कहा कि अगर खेड़ा असम में अग्रिम बेल के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट का आज का आदेश उनके आड़े नहीं आएगा।

उधर,सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा की बांछे खिल गई है| हालांकि,इस मामले के करवट बदलने के बाद मुख्यमंत्री सरमा की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है| फ़िलहाल,कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के असम प्रवास को लेकर राजनीति गरमाई हुई है |
पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से राहत का पैग़ाम या संकट का समाधान? अब तो आना ही होगा,असम के मैदान में..




