
दिल्ली : – वेनेजुएला में भूकंप के बाद मौत का आंकड़ा 235 के पार पहुंच गया है, यहाँ रेस्क्यू ऑपरेशन और मलबे हटाने का काम जोरो पर जारी है। इस काम में भारतीय मूल के सैकड़ों नागरिक भी राहत और बचाव कार्य में जुटे है। भारतीय सोसाइटी हाथ खोल कर लोगों की मदद कर रही है। वेनेजुएला में जानमाल के नुकसान को लेकर दुनियाभर में संवेदनाएं जताई जा रही हैं। गुरुवार को भूकंप की खबर आने के बाद भारत की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आपदा की इस घड़ी में देश हरसंभव मदद करने के लिए तैयार है। आज ओडिशा में पुरी के समुद्र तट पर रेत से कलाकृतियां बनाने के लिए मशहूर पद्मश्री सुदर्शन पटनायक की सैंड आर्ट बनाकर वेनेजुएला भूकंप पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई है।

वेनेजुएला का भूकंप विश्व में सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा की तरह भी देखा जा रहा है। राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे इस देश में अमेरिकी दखल भी चिंता का कारण बताया जाता है। प्रभावित इलाके में दर्जनों एयरपोर्ट बंद होने के कारण बाहर से आने वाली मदद पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य में सेना को भी उतारा गया है। ये प्राकृतिक आपदा देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के लिए बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज के लिए ये किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसी साल जनवरी में मादुरो की गिरफ्तारी के बाद पूर्व उपराष्ट्रपति रोड्रिगेज ने पदभार संभाला है। राजधानी काराकस के उत्तरी इलाके में तटीय क्षेत्र ला गुआइरा सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। देश का मुख्य हवाई अड्डा, इसी इलाके में है, जो कि आपात स्थिति में बंद है।

बताया जाता है कि रिक्टर पैमाने पर 7 और 8 से अधिक तीव्रता वाले 3 से अधिक झटके महसूस किये गए थे। इसके बाद भूकंप का ऑफ्टर शॉट भी काफी भयानक था। लोगों के मुताबिक 120 से अधिक वर्षों के बाद ऐसा भूकंप आया है। ऐसे में हताहतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। करीब 28 साल पहले वर्ष 1999 में वेनेजुएला भूस्खलन से प्रभावित हुआ था। देश की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में भूकंप को एक महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। डोमिनिकन गणराज्य की रेस्क्यू टीम प्रभावित इलाकों में लोगों की जान बचाने में जुटी है।




