
अयोध्या (Ayodhya): मणिरामदास छावनी के महंत एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के 88वें जन्मोत्सव समारोह में सम्मिलित होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष और राम मंदिर आंदोलन का विरोध करने वालों पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि और सनातन परंपरा के खिलाफ रची जा रही राजनीतिक साजिशों को लेकर आगाह किया। उन्होंने दो टूक कहा कि जो लोग कभी अयोध्या में रामलला के दर्शन तक करने नहीं आए, जिनके शासनकाल में रामभक्तों पर गोलियां और लाठियां चलाई जाती थीं, वे आज अचानक रामभक्ति की दुहाई दे रहे हैं।
मणिराम दास छावनी में आयोजित श्रीराम कथा के शुभारम्भ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीगोरक्षपीठ की ओर से पूज्य महाराज जी के स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि आज से 9-10 वर्ष पहले की संकरी, उपेक्षित और गंदगी से पटी अयोध्या और आज की भव्य-दिव्य अयोध्या का अंतर पूरी दुनिया साफ देख रही है।’
कालनेमी’ जैसा ढोंग कर रहे लोग, गर्माए मुद्दे पर एसआईटी करेगी दूध का दूध और पानी का पानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालिया विवादों और मंदिर से जुड़े विषयों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुरोध पर राज्य सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। उन्होंने जनता और श्रद्धालुओं से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा, “जब हमारी पीढ़ियों ने भावी रामराज्य की स्थापना के लिए 500 वर्षों तक इंतजार किया और लंबा संघर्ष किया, तो क्या हम 15 दिन का इंतजार नहीं कर सकते? जो लोग आज खुद को सबसे बड़ा रामभक्त दिखाने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, वे कभी रामभक्त नहीं थे। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे रामायण काल में ‘कालनेमी’ राक्षस ने साधु का ढोंग किया था।”मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि एसआईटी जांच के जरिए दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। उन्होंने अपील की कि यदि किसी के पास कोई पुख्ता प्रमाण है, तो वह उसे सार्वजनिक कर कीचड़ उछालने के बजाय सीधे एसआईटी को सौंपे। अनावश्यक और अमर्यादित टिप्पणियों से बचना चाहिए, क्योंकि अयोध्या की पहचान ही प्रभु श्रीराम की पावन मर्यादा से है।’सपा ने भारत माता को गाली देने वाले को बनाया था कुंभ का प्रभारी’
प्रयागराज कुंभ और सनातन धर्म की समरसता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही विपक्षी लोग हैं जो सत्ता में रहने के दौरान कुंभ जैसे पावन आयोजन पर उंगली उठाते थे और इसे भगदड़, अव्यवस्था व लूट-खसोट का अड्डा बना देते थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर करारा हमला बोलते हुए कहा, “सपा सरकार ने आजम खान को कुंभ का प्रभारी बना दिया था। जो व्यक्ति भारत माता को गाली देता हो, वह सनातनियों का हितैषी कैसे हो सकता है?”
सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म वह है जहां संगम के तट पर एक परम पूज्य संत भी स्नान करता है और राष्ट्र की सेवा करने वाला एक सफाईकर्मी भी। इस समरसता को हमें खोने नहीं देना है। काशी की पहचान बाबा विश्वनाथ की जीवंतता से है, मथुरा-वृंदावन की भक्ति से है और प्रयागराज की समरसता से है, जिसके साथ किसी को खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
12 बजे सोकर उठने वाले और भोग में मस्त रहने वाले क्या समझेंगे योग व तीर्थ की महिमा?
राजनीतिक विरोधियों पर तीखा तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जो लोग रोज दोपहर 12 बजे सोकर उठते हैं, वे तीर्थों की महिमा और सनातन धर्म के इस विराट महत्व को भला क्या समझ पाएंगे? जीवन भर भौतिक सुखों और भोग में मस्त रहने वाले लोग कभी योग और वैराग्य के महत्व को नहीं जान सकते।” उन्होंने साफ किया कि केंद्र व राज्य की यह ‘डबल इंजन’ सरकार धन के लालच में धर्म का त्याग करने वाली सरकार नहीं है, बल्कि देश, धर्म और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए अपना सब कुछ समर्पित करने वाली सरकार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं इस तपती धूप में हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन करने गए थे और उन्होंने देखा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों के विपरीत अयोध्या धाम श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा हुआ है और भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।
इस भव्य कार्यक्रम के दौरान व्यासपीठ पर सुप्रसिद्ध रामकथा मर्मज्ञ पूज्य संत मैथिलीशरण मिथिलेश नंदिनी शरण दास जी महाराज, जगद्गुरु रामानुजाचार्य, स्वामी विद्याभास्कर जी महाराज, महंत कमल नयन दास जी महाराज, पूज्य स्वामी रामानंदाचार्य जी महाराज, जगद्गुरु कृष्णाचार्य जी महाराज सहित प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा व बड़ी संख्या में संत समाज और श्रद्धालु उपस्थित रहे।




