
पटना : – देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बिहार में गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। पटना में गंगा खतरे के निशान से करीब दो फीट ऊपर बह रही है। बीते दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। वाराणसी में वरुणा नदी के किनारे रहने वाले 407 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अब तक करीब 2,910 लोग विस्थापित हो चुके हैं। राहत और बचाव अभियान के लिए प्रशासन ने 36 नावें तैनात की हैं। बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के जिलाधिकारी और महापौर से बातचीत कर हालात की जानकारी ली।

हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ भूस्खलन ने परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार रात हुई तेज बारिश के बाद प्रदेश में 175 से अधिक सड़कें बंद हो गईं। कालका-शिमला फोरलेन पर परवाणू फल मंडी के पास भारी मलबा आने से कई वाहन रातभर फंसे रहे। प्रशासन और संबंधित विभाग सड़क मार्गों को खोलने के लिए जुटे हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून के कमजोर पड़ने की संभावना है।

पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश से राहत मिली है। कई इलाकों में बारिश के बाद लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र ने 5 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। चंडीगढ़ में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। लगातार बदलते मौसम के बीच प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।






