
उज्जैन: सावन सोमवार और नागपंचमी के संयोग पर महाकालेश्वर मंदिर के ऊपरी हिस्से में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ के दबाव के बीच कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति की चर्चा हुई, हालांकि मंदिर प्रबंधन ने भगदड़ होने से इनकार किया है। भारी भीड़, गर्मी और उमस के चलते 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें पुलिस-प्रशासन की टीम ने इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।

मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि महाकाल मंदिर और नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगदड़ की खबर सही नहीं है। वहीं, एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 2400 पुलिसकर्मियों को 36 घंटे तक ड्यूटी पर लगाया गया है। 10 ड्रोन, अश्वारोही दल और बम निरोधक दस्ते भी तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक डायवर्जन के साथ श्रद्धालुओं को वैकल्पिक रास्तों से निकालने की व्यवस्था की गई है।

उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि करीब 10 लाख श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए बैकअप प्लान तैयार किया गया है। पानी, मेडिकल सुविधाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए 600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर पैदल चलने और घंटों कतार में इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों में करीब 14 लाख श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंच चुके हैं, जबकि नागपंचमी पर करीब 10 लाख और श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।







