
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों और भारतीय ध्वज वाले जहाजों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के समन्वय से लगातार काम कर रहे हैं। इसके लिए 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन भी सक्रिय है, ताकि जरूरत पड़ने पर नाविकों समेत अन्य भारतीयों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
शिपिंग मंत्रालय और समुद्री अधिकारियों से लगातार संपर्क
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि सरकार जहाजों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। खाड़ी क्षेत्र में स्थित भारतीय मिशन लगातार शिपिंग मंत्रालय, संबंधित देशों के समुद्री प्राधिकरणों और अन्य अधिकारियों के संपर्क में हैं।
जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद का प्रयास
जायसवाल ने कहा कि इस समन्वय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय नाविकों या भारतीय ध्वज वाले जहाजों को किसी भी तरह की सहायता की जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल मदद मिल सके। भारतीय मिशन इस संबंध में स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं।
अन्य भारतीयों के लिए भी उपलब्ध हेल्पलाइन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय मिशनों ने 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन भी शुरू कर रखी है। यह सुविधा केवल नाविकों तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य भारतीय नागरिक भी जरूरत पड़ने पर इन हेल्पलाइनों के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये सेवाएं पिछले कई महीनों से लगातार संचालित हो रही हैं और आगे भी जारी रहेंगी।
सुरक्षित समुद्री आवागमन और व्यापार पर जोर
जायसवाल ने कहा कि भारत शिपिंग मंत्रालय और पश्चिम एशिया तथा खाड़ी क्षेत्र के स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित और निर्बाध आवागमन तथा व्यापार के सुचारु संचालन की लगातार वकालत करता रहा है।
नागरिकों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना न बनाने की अपील
विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से आम नागरिकों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाने से बचने की अपील की है। जायसवाल ने विशेष रूप से वाणिज्यिक जहाजों और उनमें काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
4,052 नाविकों को खाड़ी क्षेत्र से वापस लाया गया
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को संसद को बताया कि खाड़ी क्षेत्र से 4,052 नाविकों को वापस भारत लाया गया है। उन्होंने बताया कि 3 अगस्त तक भारत आने वाले 62 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं।
23 भारतीय और 39 विदेशी ध्वज वाले जहाज
सोनोवाल के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले 62 जहाजों में 23 भारतीय ध्वज वाले और 39 विदेशी ध्वज वाले जहाज शामिल हैं। सरकार बदलती समुद्री सुरक्षा परिस्थितियों के बीच जहाजों और नाविकों की आवाजाही पर लगातार नजर रख रही है।
डीजीएमए लगातार अपडेट कर रहा एडवाइजरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बदलती समुद्री सुरक्षा स्थिति को देखते हुए समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (डीजीएमए) मध्य पूर्व संघर्ष के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अपनी एडवाइजरी लगातार अपडेट करता रहता है।
होर्मुज स्ट्रेट के लिए 24×7 नियंत्रण कक्ष
सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए हैं। इनमें समर्पित 24×7 नियंत्रण कक्ष की स्थापना और जहाजों तथा चालक दल का लाइव डेटाबेस तैयार रखना शामिल है।
हर 24 घंटे में जारी हो रहा स्टेटस अपडेट
सरकार जहाजों की आवाजाही, भारतीय नाविकों, घटनाओं और हताहतों की स्थिति की निगरानी कर रही है। इसके लिए हर 24 घंटे में स्टेटस अपडेट जारी किया जा रहा है, ताकि समुद्री सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रमों की लगातार निगरानी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।




