
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आत्महत्या के बढ़ते मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। साल 2026 के शुरुआती 180 दिनों में जिले में 174 लोगों ने आत्महत्या की। यानी औसतन लगभग हर दिन एक मामला सामने आया। इनमें 19 साल के युवाओं से लेकर 65 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं। अधिकांश मामलों में फांसी लगाकर, जबकि कुछ मामलों में जहर सेवन कर आत्महत्या की गई।

पुलिस की पड़ताल में पारिवारिक विवाद, प्रेम प्रसंग और अन्य व्यक्तिगत कारण सामने आए हैं। हालांकि, अधिकांश मामलों में नशा एक प्रमुख कारक के रूप में सामने आया। सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी के मुताबिक, अत्यधिक नशा व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे तनाव या आवेश में वह गंभीर कदम उठा सकता है। क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट प्रीति चांडक का कहना है कि मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानी और रिश्तों में खटास जैसी कई वजहें आत्महत्या के जोखिम को बढ़ाती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि आसपास कोई व्यक्ति लंबे समय से तनाव या निराशा में दिखाई दे, तो उसकी बात सुनें और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लेने के लिए प्रेरित करें। समय पर मिला सहयोग किसी की जान बचा सकता है।






