
बेमेतरा : शहर की सिटी कोतवाली पुलिस पर गंभीर लापरवाही और संवेदनहीनता के आरोप लगे हैं। वार्ड क्रमांक-7 स्थित परशुराम चौक के पास किराए के मकान में रहने वाली 44 वर्षीय महिला ने गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कथित तौर पर कमरे को खोले बिना और महिला की स्थिति की चिकित्सकीय जांच कराए बिना ही उसे मृत मान लिया और कमरे में ताला लगाकर वहां से चली गई। कुछ घंटे बाद महिला को जीवित पाया गया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, बेरला क्षेत्र के ग्राम भिलौरी निवासी धनेश्वर साहू की पत्नी देविका साहू (44) पिछले कई वर्षों से बेमेतरा के वार्ड नंबर-7 में मीरा साहू के मकान में किराए से रह रही हैं। वह अपने तीन बच्चों की पढ़ाई के लिए यहां रह रही थीं। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे घटना के समय उनके तीनों बच्चे स्कूल गए हुए थे और महिला घर में अकेली थी।बच्चे स्कूल से वापस लौटे तो उन्होंने घर का दरवाजा अंदर से बंद पाया। इसके बाद बच्चों ने इसकी जानकारी मकान मालिक को दी। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।

परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने मौके पर पहुंचने के बाद कमरे को खोले बिना ही महिला को मृत मान लिया। आरोप है कि न तो कमरे के अंदर जाकर महिला की स्थिति की जांच की गई और न ही किसी डॉक्टर से उसकी मौत की पुष्टि कराई गई। इसके बाद पुलिस ने कमरे में ताला लगा दिया और वहां से चली गई।हालांकि कुछ घंटे बाद जब महिला को देखा गया तो वह जीवित थी। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

इस पूरे मामले को लेकर महिला के परिजनों और स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति काफी नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि यदि महिला को समय रहते चिकित्सा सहायता मिल जाती तो उसकी स्थिति और बेहतर हो सकती थी। पुलिस की ओर से अब तक किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।घटना के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। महिला ने आत्महत्या का प्रयास क्यों किया, इसके कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। फिलहाल महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।





