
नई दिल्ली :पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा अभियान चलाते हुए देश के चार राज्यों में एक साथ छापेमारी की है। एजेंसी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और राजस्थान में कुल 12 ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को जांच के दायरे में लिया है।एनआईए अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क सीमा पार से संचालित किया जा रहा था। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी ऑपरेटर जसवीर चौधरी अपने भारतीय सहयोगियों के जरिए भारत-पाक सीमा पर ड्रोन के माध्यम से हथियार, गोला-बारूद और आईईडी जैसी विस्फोटक सामग्री मंगवा रहा था।

एजेंसी के अनुसार, आरोपियों की योजना पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सिलसिलेवार धमाके कर बड़े स्तर पर दहशत फैलाने की थी। इसी इनपुट के आधार पर एनआईए ने विभिन्न राज्यों में संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दी। वहीं, हरियाणा के सिरसा महिला थाना ग्रेनेड हमले मामले में भी एनआईए ने नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें पाकिस्तान से जुड़े दो हैंडलर शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच के अलावा कई भारतीय सहयोगी शामिल हैं।

जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपियों को सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए कट्टरपंथ की ओर धकेला गया और फिर आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती किया गया। भारत में इस नेटवर्क को संभालने का काम धीरज नामक आरोपी कर रहा था।एनआईए के मुताबिक, आरोपियों ने पहले रेकी की और फिर सिरसा महिला पुलिस स्टेशन को निशाना बनाकर 25 नवंबर 2025 को ग्रेनेड हमला किया। इस वारदात का वीडियो भी मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया गया था ताकि दहशत फैलाई जा सके। फिलहाल एजेंसी फरार आरोपियों और नेटवर्क की अन्य कड़ियों की तलाश में जुटी हुई है।




