प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में चिप डिजाइन से लेकर कमर्शियल प्रोडक्शन तक पहुंच गया है। सेमीकॉन इंडिया के पांचवें संस्करण के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि 2022 में शुरू हुई इस यात्रा में पहले नीति, फिर परियोजनाओं, पायलट लाइनों और टेस्ट चिप्स से जुड़े चरण आए और अब भारत के प्लांट्स से चिप्स देश और दुनिया के ग्राहकों तक पहुंचने लगी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोहाली और सूरत में दो और प्लांट्स में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो रहा है। उन्होंने सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण, सप्लाई चेन, फैबलेस कंपनियों, आरएंडडी, कुशल युवाओं और ऊर्जा सुरक्षा को भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार के लिए अहम बताया।
सेमीकॉन इंडिया के पांचवें संस्करण का आयोजन
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और जितिन प्रसाद, इंडस्ट्री लीडर्स, सीईओ, डेलिगेट्स और देशभर के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से जुड़े युवाओं का स्वागत किया। उन्होंने विदेश से आए प्रतिनिधियों का भी भारत में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सेमीकॉन इंडिया का यह पांचवां संस्करण है और हर वर्ष इसके साथ चर्चा का दायरा आगे बढ़ा है।
विश्वकर्मा जयंती से जुड़ा निर्माण और तकनीक का संदेश
पीएम नरेंद्र मोदी ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन की शक्ति का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि एक ओर भारत की सदियों पुरानी निर्माण परंपरा और दूसरी ओर 21वीं सदी की तकनीक व विजन, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की प्रेरणा का आधार हैं।
15 दिनों की उपलब्धियों का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि सितंबर के पिछले 15 दिनों की उपलब्धियों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत किस दिशा और कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मुंबई में हुए ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम टेक्नोलॉजी के जरिए समावेशी वित्त पर चर्चा हुई। इसी अवधि में करीब 3,000 किलोमीटर का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूरी तरह ऑपरेशनल होने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
जीडीपी ग्रोथ और क्रेडिट रेटिंग का हवाला
पीएम मोदी ने कहा कि चुनौतीपूर्ण दौर के बीच भारत ने 7.8% की तिमाही जीडीपी ग्रोथ दर्ज की है। उन्होंने जापान की एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा भारत की सॉवरेन रेटिंग में सुधार किए जाने का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, इससे एक ओर भारत की अर्थव्यवस्था में वृद्धि और दूसरी ओर दुनिया के भारत पर बढ़ते भरोसे का संकेत मिलता है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने हाल में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने इसकी सफलतापूर्वक मेजबानी की। उन्होंने कहा कि सभी की सहमति से नई दिल्ली घोषणा को अपनाया जाना भारत पर विश्व के भरोसे का एक और प्रमाण है।
नीति से कमर्शियल प्रोडक्शन तक पहुंचा भारत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 2022 में सेमीकॉन इंडिया के पहले संस्करण के समय चर्चा का केंद्र नीतियां थीं। इसके बाद परियोजनाओं, फाइलों पर हस्ताक्षर और शिलान्यास से जुड़े चरण आए। पिछले वर्ष पायलट लाइनों और टेस्ट चिप्स पर चर्चा हुई और अब भारत कमर्शियल प्रोडक्शन के चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि भारत के प्लांट्स से निकलने वाली चिप्स देश और दुनिया के ग्राहकों तक पहुंचनी शुरू हो गई हैं। मोहाली और सूरत में दो और प्लांट्स में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने पर उन्होंने बधाई दी।
चिप इकोसिस्टम के सभी हिस्सों पर एक साथ काम
पीएम मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में तकनीकी क्षमताएं तैयार करने में दशकों लगते हैं। भारत ने चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग, मैटेरियल इकोसिस्टम और टेस्टिंग कैपेबिलिटी जैसे क्षेत्रों पर एक साथ काम किया है। उन्होंने इंडस्ट्री लीडर्स को भारत की इस यात्रा का महत्वपूर्ण साझेदार बताया।
दूसरे चरण में 13.5 बिलियन डॉलर का मिशन
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले चरण का आकार करीब 8 बिलियन डॉलर था, जबकि दूसरे चरण के लिए 13.5 बिलियन डॉलर तक का प्रावधान तय किया गया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में और सुधार किए गए हैं और अब अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारतीय स्टार्टअप्स, भारतीय डिजाइन कंपनियों और ओसीआई-स्वामित्व वाली कंपनियों के साथ सहयोग कर सकती हैं।
फैबलेस कंपनियों और आईपी निर्माण पर जोर
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार का प्रयास भारत में फैबलेस कंपनियों की वृद्धि और देश में ही इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी के निर्माण को बढ़ावा देना है। उन्होंने अलग-अलग प्रकार के कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स और सिलिकॉन फोटोनिक्स को इकोसिस्टम का हिस्सा बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि एआई-इनेबलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी ये क्षमताएं जरूरी हैं।
केमिकल, गैस और मैटेरियल क्षेत्र में अवसर
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर देते हुए इक्विपमेंट कंपनियों के नेताओं से भारत में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केमिकल, गैस और मैटेरियल क्षेत्र की कंपनियों के लिए भी भारत में बड़े अवसर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे इकोसिस्टम को एक साथ आगे बढ़ाना चाहती है और इसके लिए डिमांड पाइपलाइन भी तैयार की गई है। अब तक 12 परियोजनाओं को मंजूरी मिलने और अगले चरण में इसका दायरा बढ़ने की बात भी उन्होंने कही।
इंजीनियरिंग टैलेंट भारत की बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के इंजीनियरिंग टैलेंट को सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए बड़ा एडवांटेज बताया। उन्होंने कहा कि देश में हजारों इंजीनियरिंग कॉलेज हैं और हर वर्ष लाखों इंजीनियर तैयार होते हैं। उन्होंने एक अमेरिकी कंपनी के प्रतिनिधि के साथ हुई बातचीत का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में इंजीनियरों की संख्या इतनी अधिक है कि भर्ती के लिए फुटबॉल का मैदान भी छोटा पड़ सकता है।
एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों की स्किलिंग का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि चिप डिजाइनिंग के लिए बड़े पैमाने पर स्किलिंग का काम चल रहा है। सरकार ने एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है और अब तक 70 हजार से अधिक युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। उन्होंने भारत के इस टैलेंट पूल को इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।
युवाओं और इंडस्ट्री से आरएंडडी बढ़ाने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने भारत में रिसर्च कर रहे युवा प्रतिभाओं से आगे आने की अपील की। उन्होंने विदेशों में रिसर्च कर रहे भारतीय युवाओं से भी भारत में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के विकास से जुड़ने का आग्रह किया। इंडस्ट्री लीडर्स से देश में आरएंडडी का नेतृत्व करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इससे उद्योग और भारत की युवाशक्ति दोनों को लाभ मिलेगा।
एआई से सेमीकंडक्टर क्षेत्र के सामने नई चुनौतियां
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ट्रांजिस्टर का आकार छोटा होने से कंप्यूटिंग तेज और अधिक प्रभावी हुई है, लेकिन एआई के विस्तार के साथ सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के सामने नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में वैश्विक सेमीकंडक्टर मार्केट की ग्रोथ 20% से अधिक रही है और इसमें एआई से पैदा हुई मांग की बड़ी भूमिका है। मेमोरी को प्रोसेसर के करीब लाना, कई चिप्स को एक सिस्टम की तरह जोड़ना, बड़ी मात्रा में डेटा को कम देरी के साथ ट्रांसफर करना तथा हीट और पावर को मैनेज करना प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं।
भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग लोकेशन की जरूरत
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन चुनौतियों के बीच दुनिया को मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई और भरोसेमंद लोकेशन की जरूरत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत इसके लिए लगातार खुद को तैयार कर रहा है और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए आवश्यक इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।
एआई के दौर में एनर्जी सिक्योरिटी अहम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एआई चिप्स का इस्तेमाल एआई डेटा सेंटर्स में हो रहा है, जहां हजारों हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर एक साथ काम करते हैं। एआई के विस्तार के साथ कंप्यूटिंग पावर की मांग बढ़ेगी और इसके साथ बिजली की जरूरत भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर प्लांट्स को जरूरत के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है, इसलिए भारत पावर सेक्टर में भी बड़े स्तर पर निवेश कर रहा है।
सौर और परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर जोर
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की इंस्टॉल्ड सोलर एनर्जी क्षमता करीब 2 गीगावॉट से बढ़कर 160 गीगावॉट से अधिक हो गई है। उन्होंने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने और इस सेक्टर को निजी क्षेत्र के लिए खोलने का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स पर काम और पिछले एक दशक में ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार की भी जानकारी दी।
सप्लाई चेन की मजबूती में भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में पावर इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे हर कदम पर काम कर रहा है, जिससे वह सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन बन सके। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान के 75 वर्ष पूरे हो चुके हैं और लोकतांत्रिक देश के रूप में भारत का किसी महत्वपूर्ण इंडस्ट्री में सफल होना वैश्विक सप्लाई चेन को भी मजबूती देता है।
वेपनाइज होती सप्लाई चेन के दौर में भारत का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा दौर में जब सप्लाई चेन को वेपनाइज किया जा रहा है, तब भारत में विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि भारत की आकांक्षाएं स्पष्ट हैं और देश में बन रहे नए अवसर वैश्विक कंपनियों और निवेशकों के लिए खुले हैं।



