
रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रांची की ईडी विशेष अदालत से राहत नहीं मिली है। बरियातू रोड स्थित 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित घोटाले के मामले में अदालत ने उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी है। ईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे सोमवार को सुनाया गया।करीब 140 पन्नों के आदेश में अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य और दस्तावेज प्रथम दृष्टया आरोपों की जांच और सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत करते हैं।

अदालत के अनुसार, मामले में ऐसे तथ्य मौजूद हैं जिनसे गंभीर संदेह उत्पन्न होता है, इसलिए आरोप तय कर मुकदमा चलाया जाना उचित होगा।यह मामला रांची के बरियातू रोड स्थित 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि इस जमीन पर अवैध कब्जा कर उसे वैध दिखाने के लिए राजस्व रिकॉर्ड और दस्तावेजों में हेरफेर की कोशिश की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि मामले में कुछ राजस्व अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है।जांच के दौरान तत्कालीन राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद के पास से कई मूल रजिस्टर और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे, जिनमें संबंधित जमीन का भी उल्लेख था।

ईडी का कहना है कि इस जमीन के सत्यापन को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से भी पहल की गई थी।वहीं, हेमंत सोरेन की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उनका इस कथित मामले से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। बचाव पक्ष ने कहा कि जमीन से जुड़े आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों में उनका नाम दर्ज नहीं है तथा ईडी द्वारा पेश किए गए कई बयान प्रत्यक्ष नहीं बल्कि सुनी-सुनाई बातों पर आधारित हैं। हालांकि अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया और डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी।




