NEW DELHI, INDIA - OCTOBER 11: Delhi Chief Minister Rekha Gupta during a meeting before handed over cheques of Rs1 crore each to the families of 11 Government employees who lost their lives while performing their duties during the COVID-19 pandemic at Delhi Secretariat, on October 11, 2025 in New Delhi, India. (Photo by Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images)
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली की हवा को शुद्ध और पर्यावरण संरक्षण के लिए दिल्लीवासियों से सहयोग की अपील की। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर सीएम ने कहा कि दिल्ली को बेहतर दिल्ली बनाने के लिए सभी को ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करना चाहिए। कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण कि दिशा में 15 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
सीएम गुप्ता ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर हम मेगा प्लांटेशन ड्राइव और 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों के उद्घाटन के साथ स्वच्छ, ग्रीन और स्वस्थ दिल्ली मिशन को जन अभियान बना रहे हैं। मैं सभी दिल्लीवासियों से आग्रह करती हूं कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ें और एक पौधा अवश्य लगाएं। आइए, मिलकर आने वाली पीढ़ियों के लिए दिल्ली को और स्वच्छ, हरित और स्वस्थ बनाएं।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नमो ऑक्सीजन पार्क के उद्घाटन के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि हम सब मिलकर 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों के लिए पौधारोपण अभियान शुरू कर रहे हैं।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि आज 18 जगहों पर 18 नमो ऑक्सीजन पार्क शुरू होने से दिल्ली के लोगों को बहुत मदद मिलेगी। ये पार्क न सिर्फ ऑक्सीजन का लेवल बढ़ाएंगे, बल्कि देसी पेड़ों की प्रजातियां लगाकर पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का विजन दिल्ली में लगभग 100 ऑक्सीजन पार्क विकसित करने का है। आज इस मंच से शुरू की जा रही पहल में 18 नमो पार्क शामिल हैं, जो दिल्ली सरकार के 100 ऑक्सीजन जोन बनाने के संकल्प को पूरा करने की दिशा में पहला कदम है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मैं बताना चाहता हूं कि दिल्ली का लगातार बढ़ता हुआ ग्रीन कवर इस बात की साक्षी है कि दिल्ली सरकार दिल्ली के लोगों के लिए पर्यावरण और स्वच्छ हवा के प्रति पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुझे यह बताते हुए बड़ा हर्ष हो रहा है कि पिछले 12-15 वर्षों तक दिल्ली को फॉरेस्ट एरिया बनाने का जो मुद्दा लंबित पड़ा था, उसमें कोई ठोस प्रगति नहीं हो पाई थी।
मुख्यमंत्री ने एक बहुत बड़ा और साहसिक कदम उठाते हुए दिल्ली की लगभग 11,000 एकड़ भूमि, जो कब्जे और अतिक्रमण की चपेट में थी, का नोटिफिकेशन जारी कर उसे फॉरेस्ट घोषित किया है। यह दिल्ली के लिए एक ऐतिहासिक ग्रीन उपहार साबित होगा। आज 18 साइट्स पर ‘नमो ऑक्सीजन वन’ की शुरुआत होने जा रही है। इन वनों से दिल्लीवासियों को न सिर्फ ऑक्सीजन मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी नई दिशा मिलेगी। इनमें उन नेटिव प्रजातियों के पेड़ लगाए जा रहे हैं जो कम पानी में जीवित रहते हैं और ज्यादा ऑक्सीजन देते हैं। इसके अलावा, लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी फॉरेस्ट का कॉन्सेप्ट भी अपनाया जा रहा है, ताकि घने जंगल तैयार किए जा सकें। दिल्ली में जगह की कमी को देखते हुए यह एक महत्वपूर्ण प्रयास है। दिल्ली एक लैंडलॉक राज्य है, जो चारों तरफ से अन्य राज्यों से घिरा हुआ है।
उन्होंने कहा कि असोला भट्टी वाइल्डलाइफ सेंचुरी जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर लंबे समय तक ध्यान नहीं दिया गया था। केंद्र सरकार आने के बाद काम तेजी से शुरू हुआ, लेकिन दिल्ली सरकार का सहयोग नहीं मिल पा रहा था। आज मुझे खुशी है कि वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन और उसके मूल स्वरूप को बहाल करने के लिए बड़े स्तर पर मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने अपना पहला बर्ड एटलस भी लॉन्च किया है। जिन प्रजातियों के पक्षी यहां से लुप्त हो चुके थे, वे अब धीरे-धीरे लौटने लगे हैं। यह सब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण के पैशन और मुख्यमंत्री के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।






