
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ‘विकसित भारत 2047’ की सोच के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सुशासन को मजबूत करना और विकास की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य में नक्सलवाद अब कमजोर पड़ रहा है और सरकार सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दे रही है। दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थापित सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।

बस्तर क्षेत्र को लेकर सरकार ने विशेष रणनीति तैयार की है। इसके तहत अगले तीन वर्षों में आदिवासी परिवारों की औसत मासिक आय 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए दुधारू पशुओं के वितरण और आवश्यक ढांचे के निर्माण पर काम किया जा रहा है।कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए करीब 2 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिनसे लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है।

राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार निवेश आकर्षित करने पर भी जोर दे रही है। हाल के महीनों में विभिन्न औद्योगिक समूहों के साथ 9,560 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते किए गए हैं, जिनसे हजारों रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। आईटी, सेमीकंडक्टर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री का जोर प्रशासन को लोगों के और करीब लाने पर है। सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष योजनाएं तैयार की गई हैं। साथ ही पर्यटन क्षेत्र में सिरपुर और चित्रकोट जैसे ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक स्थलों को नई पहचान दिलाने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर भी काम जारी है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मानना है कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और आधुनिक तकनीक तथा बेहतर प्रबंधन के जरिए इसे विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। सरकार का संदेश साफ है— विकास और जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता है।







