
बिलासपुर जोन (SECR) के स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाले पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर CAG की रिपोर्ट में गंभीर कमियां सामने आई हैं। CAG ने देश के 16 रेलवे जोन के 512 चयनित स्टेशनों पर पेयजल व्यवस्था की जांच की। रिपोर्ट के मुताबिक, बिलासपुर जोन का पेयजल से जुड़ा डिफिशिएंसी स्कोर 93.35 रहा, जो सभी 16 जोन में सबसे ज्यादा है। कई स्टेशनों के पानी के नमूनों में ई. कोलाई और टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिले, जो पानी के दूषित होने का संकेत हैं। कुछ जगहों पर क्लोरीन का स्तर भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।

CAG ने जांच में पानी की उपलब्धता, गुणवत्ता और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के साथ यात्रियों के लिए जरूरी न्यूनतम सुविधाओं का भी आकलन किया। रिपोर्ट में सामने आया कि बिलासपुर जोन के कई स्टेशनों पर पेयजल, टॉयलेट, बैठने की जगह और प्लेटफॉर्म पर छत जैसी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। न्यूनतम यात्री सुविधाओं के मामले में SECR 16वें स्थान पर रहा। हालांकि, दिव्यांग यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं में जोन का प्रदर्शन बेहतर रहा और वह देश में दूसरे स्थान पर रहा। CAG के अनुसार, डिफिशिएंसी स्कोर जितना कम होता है, व्यवस्था को उतना बेहतर माना जाता है।

CAG रिपोर्ट के बाद रेलवे ने पेयजल व्यवस्था में सुधार की योजना पर काम शुरू करने की बात कही है। बिलासपुर जोन में वाटर कूलर और टैंक-टू-टैप जल फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाने, पानी की टंकियों की नियमित सफाई और पानी की गुणवत्ता की लगातार जांच की योजना है। इसके अलावा, दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में होने वाले काम के कारण छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 18 एक्सप्रेस ट्रेनें 25 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक प्रभावित रहेंगी। उत्कल एक्सप्रेस कुछ तारीखों पर बदले रूट से चलेगी, जबकि 13 अक्टूबर को गीतांजलि एक्सप्रेस करीब 2 घंटे की देरी से रवाना होगी।







